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जब आजादी का जश्न मना रहे पाकिस्तान की सचिन ने उड़ाई नींद, भारत को मिली खुशी

नई दिल्ली। सचिन तेंदुलकर के मैदान पर उतरते ही ना सिर्फ दर्शक खड़े होकर उनका स्वागत करते थे बल्कि वहां बैठे पूर्व दिग्गज क्रिकेटर भी उन्हें क्रीज पर आते देख तालियां बजाने पर मजबूर हो जाते थे। उनका नाम ही काफी था, खेलने का जो जुनून उनके पास था वो अन्य खिलाडियों को भी प्रेरित करता रहा और कर रहा है। सचिन ने 17 से भी कम उम्र में जब मैदान पर कदम रखा था तो सब यही सोचते थे कि आखिर 5 फुट 5 इंच का ये बल्लेबाज कैसे 6 फुट से लंबे गेंदबाजों का सामना कर पाएगा। लेकिन आज से 30 साल पहले सचिन ने ऐसी सोच रखने वालों को उस समय हैरान कर दिया था जब पाकिस्तान 'आजादी' का जश्न मना रहा था तो ऊधर उन्होंने बल्ले से रन उगलकर भारतावसियों को बड़ी खुशी दी थी।

क्या है 30 साल पहले का किस्सा

क्या है 30 साल पहले का किस्सा

दरअसल, 14 अगस्त 1990 को सचिन ने भारत को एक हार से बचाया था। इसी दिन पाकिस्तान स्वतंत्रता दिवस मना रहा था। भारतीय टीम इंग्लैंड दाैरे पर तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए गई थी। सीरीज के दूसरे मैच में इंग्लैंड ने टाॅस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। मैनचेस्टर में हुए इस मुकाबले में इंग्लैंड ने पहली पारी में ही भारत को दवाब में ला दिया। उन्होंने पहली पारी में 519 रन बना दिए। हालांकि भारत ने भी जवाब में कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन की 179 रनों की पारी की मदद से 432 रन बना लिए। जवाब में इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी 320 रनों पर घोषित की और भारत को 399 रनों का लक्ष्य दे दिया। जवाब में भारत लड़खड़ा गया। शुरुआती 35 रन पर ही भारत ने अपने चार विकेट गंवा दिए। इसके बाद संजय मांजरेकर और दिलीप वेंगसरकर ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन जल्दी आउट हो गए। पर फिर छठे नंबर पर आए सचिन ने अनुभवी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और 17 चौके लगाकर नाबाद 119 रन की पारी खेली, जिससे भारत मैच ड्रॉ करवाने में सफल रहा।

इसलिए याद रखा जाएगा ये मैच

इसलिए याद रखा जाएगा ये मैच

इस मैच में जो खास बात जो रही वो यह थी कि सचिन का यह पहला अंतरराष्ट्रीय शतक रहा। सचिन ने इस शतक की बदाैलत उन सभी के मुंह बंद कर दिए जो उन्हें छोटी ही उम्र में मैदान पर कई खतरनाक गेंदबाजों का सामना करते हुए देख हैरानी जताते थे। सचिन ने साबित किया कि उनकी उम्र व कद भले ही छोटा हो लेकिन खेलने का जज्बा बहुत अधिक है। सचिन ने इस शतकीय पारी के बाद फिर कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा। परिणाम यह है कि फिर उन्होंने जो अपने 24 साल के क्रिकेट करियर में कारनामे किए उन्हें पूरी दुनिया सलाम ठोकती है। उनकी उपलब्धियों के कारण ही उन्हें 'क्रिकेट के भगवान' का नाम दिया गया है।

शतक की शुरूआत फिर शतक पर हुई समाप्त

शतक की शुरूआत फिर शतक पर हुई समाप्त

2011 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे सचिन ने इंग्लैंड में शतक की शुरूआत करते हुए फिर शतकों का शतक लगाकर क्रिकेट करियर को अलविदा कहा था। सचिन दुनिया के इकलाैते ऐसे क्रिकेटर हैं जिनके नाम 100 अंतरराष्ट्रीय शतक दर्ज हैं। उन्होंने 200 टेस्ट खेलते हुए 15,921 रन बनाए हैं, जिसमें 68 अर्धशतक तो हैं लेकिन रिकाॅर्ड 51 शतक भी हैं। शतकों के मामले में उनके बराबर कोई भी बल्लेबाज नहीं पहुंच पाया है। वहीं सचिन ने 463 वनडे मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 18,426 रन बनाए हैं जिसमें 96 अर्धशतक के साथ 49 अर्धशतक शामिल हैं। बता दें कि टेस्ट, वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकाॅर्ड भी सचिन के ही नाम है।

Story first published: Saturday, August 15, 2020, 7:20 [IST]
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