
1. मजबूत है मिडिल ऑर्डर
बांग्लादेश का मिडिल ऑर्डर भारत की हार का कारण बन सकता है। शाकिब अल हसन, मुश्फिकर रहीम और महमुदुल्ला ऐसे 3 खिलाड़ी हैं जो इस विश्व कप में आग पकड़े हुए हैं। शाकिब ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टूर्नामेंट के 5वें मैच में 75 रनों की पारी खेल टीम को 21 रनों से जीत दिलाई थी। वहीं रहीम ने 78 रन बनाए थे। शाकिब 5 मैचों में 25 रन बना चुके हैं वहीं रहीम 244 रन। महमुदुल्ला भी आईसीसी के सभी इवेंट में 3 शतक लगा चुके हैं। ऐसे में ये तीनों बल्लेबाज भारत के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं।

2. डेथ ओवरों में इन 2 गेंदबाजों का कहर
भारतीय टीम माैजूदा समय में हार्दिक पांड्या व महेंद्र सिंह धोनी की मदद से डेथ ओवरों में रन बनाने में सफल हो रही है लेकिन बांग्लादेश के खिलाफ मुस्तफिजुर रहमान और मोहम्मद सैफुद्दीन हैं जो इन ओवरों में खतरनाक गेंदबाजी कर रहे हैं। बांग्लादेश की राहत के लिए वह अच्छी गति के साथ दोनों गेंदबाज लगातार सटीक गेंदबाजी कर रहे हैं। रहमान इस टूर्नामेंट में 100 विकेट लेने वाले बांग्लादेश के छठे गेंदबाज बन सकते हैं। दूसरी ओर, सैफुद्दीन भी उत्कृष्ट रहे हैं। वह यॉर्कर से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं। इस विश्व कप में सैफुद्दीन 9 तो रहमान अभी तक 9 विकेट झटके हैं।
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3. मोसादेक हुसैन बदल सकते हैं मैच
बांग्लादेश के लिए मोसादेक हुसैन वो खिलाड़ी हैं जो अंतिम ओवरों में तेज-तर्रार शाॅट खेलकर मैच का पासा बदल सकते हैं। विश्व कप से पहले, चारों ओर एक चर्चा थी कि मोसादेक हुसैन और सब्बीर रहमान में से किसे जगह देनी चाहिए। सब्बीर ने फरवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक शतक बनाया और इसके विपरीत, मोसादेक ने आयरलैंड में त्रिकोणीय राष्ट्र श्रृंखला के फाइनल में मैच विजेता अर्धशतक बनाकर विंडीज को हराया था। आखिरकार, टीम प्रबंधन ने मोसादेक को प्राथमिकता दी। टाइगर्स के पास हमेशा ऐसे खिलाड़ी की कमी रही जो अंत में तेज खेले। अब ये कमी मोसादेक ने पूरी कर दी है। प्रोटियाज के खिलाफ पहले मैच में, उन्होंने चार चौके के साथ 20 रन बनाए और महमूदुल्लाह के साथ 66 रनों की साझेदारी कर टीम को 330 के स्कोर तक पहुंचाया। मोसादेक निश्चित ताैर पर कोहली की परेशानी बढ़ा सकते हैं।

4. मशरफे मुर्तजा की कप्तानी
अगर भारतीय टीम के पास विराट कोहली महान कप्तान हैं तो बांग्लादेश को जीत दिलाने के लिए मशरफे मुतर्जा भी कोई कसर नहीं छोड़ने वाले। उनकी गिनती भी वनडे फाॅर्मेट में महान कप्तानों में की जाती है। उनके पास कप्तान के रूप में लगभग 60 प्रतिशत जीत का प्रतिशत है। उन्होंने हाल ही में विंडीज और आयरलैंड के खिलाफ भी टीम को सीरीज जितवाई थी। मुर्तजा कई बार चोटों से गुजरकर आपरेशन करवाने पड़े लेकिन इस कप्तान ने टीम को आगे बढ़ाने की कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने प्रोटियाज के खिलाफ 21 रनों से जीत दर्ज कर साबित किया था कि उन्हें हल्के में लेने की भूल ना की जाए। ऐसे में मुर्तजा भारत के खिलाफ भी जीत हासिल करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।


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