इस साल धोनी को ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल नहीं करने की वजह आई सामने
नई दिल्ली। एमएस धोनी ने 15 अगस्त को एक इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहते हुए क्रिकेट जगत और प्रशंसकों को हिला दिया। इस खबर के जंगल की आग की तरह फैलने के बाद, बधाई संदेशों और पोस्टों की पूरे प्रवाह में बारिश होने लगी। जहां कुछ ने अपने प्रिय कप्तान के लिए विदाई मैच की मांग की, वहीं कुछ ने उन्हें 2021 टी20 विश्व कप में भारतीय जर्सी में देखना चाहा।

ICC ने बताए नाम तो भड़के फैंस
अपने शानदार करियर का अंत करते हुए, वह दुनिया के एकमात्र ऐसे कप्तान बने हुए हैं, जिन्होंने आईसीसी की सभी ट्रॉफियां, विश्व कप 2011, चैंपियंस ट्रॉफी 2013, और टी 20 विश्व कप 2007 को उठाया है। धोनी के संन्यास लेने के बाद, ICC ने तीन खिलाड़ियों के नाम प्रतिष्ठित हॉल ऑफ फेम में शामिल किए। ये नाम थे लिसा स्टालेकर, जैक्स कैलिस और ज़हीर अब्बास। धोनी का नाम लिस्ट में ना देख सोशल मीडिया पर फैंस भड़क उठे। लेकिन अब वजह सामने आ चुकी है कि उन्हें क्यों नहीं चुना गया।

ये रहा कारण
आईसीसी नियम स्पष्ट रूप से कहता है कि एक खिलाड़ी केवल अपनी सेवानिवृत्ति के पांच साल बाद हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के योग्य हो सकता है। यही कारण है कि हॉल ऑफ फेम में दिग्गज सचिन तेंदुलकर से पहले राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले की एंट्री हुई। 2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई लेने वाले द्रविड़ को 2018 में अनमोल क्लब में शामिल किया गया।

2025 में हो सकते हैं शामिल
सचिन तेंदुलकर ने भी अपनी रिटायरमेंट के कारण 2013 में शानदार विदाई पाने के बाद 2019 में हॉल ऑफ फेम में जगह बनाई। सीएसके के कप्तान जो अभी 12 दिन पहले खेल से सेवानिवृत्त हुए थे, वर्ष 2025 में मूल्यवान क्लब का हिस्सा बनने के लिए पात्र होंगे। स्टार बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और इक्का-दुक्का गेंदबाज जहीर, जिन्होंने 2015 में संन्यास लिया था। भविष्य में हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के प्रबल दावेदार हैं। माइकल क्लार्क, ग्रीम स्मिथ, कुमार संगकारा, महेला जयवर्धने जैसे विदेशी खिलाड़ी अगले साल इस प्रतिष्ठित लॉट में शामिल होने के लिए पात्र होंगे।
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