राजकोट। टीम इंडिया के सरजी और कप्तान धोनी के बेहद अजीज प्लेयर रविंद्र जडेजा आज किसी परिचय के मोहताज नहीं है। तमाम आलोचनाओं में घिरने के बावजूद कप्तान धोनी की निगाह में हमेशा बेहतर रहने वाले रविंद्र जडेजा ने अपने करियर के बारे में एक अहम खुलासा किया है।
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जडेजा ने कहा कि आज क्रिकेट के कारण मेरी पहचान है, मैं जब टीम इंडिया की जर्सी पहनता हूं तो अपने आप को खुशकिस्मत समझता हूं लेकिन इसी क्रिकेट को कभी मैंने एकदम से छोड़ने का मन बना लिया था।
टीम इंडिया के इस हरफनमौला खिलाड़ी ने कहा कि बात साल 2005 की है, जब मेरी मां का निधन हो गया था, घर की माली हालत काफी अच्छी ना होने के कारण हमें आर्थिक रूप से काफी संघर्ष करना पड़ा था ऐसे में मैं अपने क्रिकेट पर समय नहीं दे पा रहा था इसी कारण मैंने इसे छोड़ने का मन बना लिया था लेकिन उसी वक्त मेरे घरवालों और मेरे दोस्तों ने मुझे काफी समझाया और कहा कि मैं सबकुछ भूलकर बस अपने खेल पर ध्यान दूं।मैंने उन लोगों की बात मानी और क्रिकेट पर फोकस किया और मेरी मेहनत रंग लायी।
आपको बता दें कि साल 2009 में उन्होंने टीम इंडिया की ओर अपना पहला मैच खेला। इसके बाद जडेजा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। करियर के हिसाब से जडेजा का अब तक का बेहतरीन प्रदर्शन साल 2013 की चैंपियस ट्राफी रही जिसमें उन्होंने 12 विकेट लिये थे। इसके बाद तो जडेजा की एक ऑलराउंडर के रूप में जगह पक्की हो गई और आज वो टीम के लिए क्या मायने रखते हैं ये किसी को बताने की जरूरत नहीं।
मालूम हो जडेजा अभी तक अपने करियर में 16 टेस्ट, 126 वनडे और 37 टी20 मैच खेल चुके हैं और अपने आप को एक बेहतरीन ऑल राउंडर के रूप में टीम में स्थापित कर चुके हैं।