नई दिल्ली। दिल्ली कैपिटल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच आज आईपीएल का सेमीफाइनल खेला जाएगा। दोनों ही टीमें इस मैच को जीतकर आईपीएल के फाइनल में अपना टिकट पक्का करने की कोशिश करेंगी। अहम बात यह है कि दिल्ली कैपिटल्स की टीम जहां लीग मैचो में पहले हाफ में जबरदस्त खेल का प्रदर्शन कर रही थी तो दूसरे हाफ में टीम पटरी से उतर गई है, ऐसे में टीम के सामने हैदराबाद की मुश्किल चुनौती होगी जिसने एक के बाद एक करो या मरो के मुकाबले में जीत दर्ज करके अपनी जगह सेमीफाइनल तक पक्की की है। दिल्ली की टीम पिछले 7 मैचों में से 4 मैच में हार गई है, जिसके चलते दिल्ली की फाइनल तक की राह आसान नहीं रहने वाली है।
अय्यर के सामने है मौका
दिल्ली की टीम की बात करें तो पिछले कुछ मैचों में दिल्ली की टीम की कमियां साफ तौर पर सामने आई हैं। अय्यर ने टीम की कमान 2018 में संभाली थी जब गौतम गंभीर ने बतौर कप्तान इस्तीफा देने का फैसला लिया। 2019 में दिल्ली की टीम 6 साल बाद प्लेऑफ में पहुंची और पिछले सीजन में टीम तीसरे पायदान पर रही। 2019 में दिल्ली की टीम ने हैदराबाद की टीम को 2 विकेट से हराया था लेकिन दूसरे क्वालिफायर में टीम चेन्नई सुपर किंग्स के हाथों 6 विकेट से हार गई। बहरहाल इस बार श्रेयस अय्यर के सामने दिल्ली की टीम को फाइनल तक ले जाने का सुनहवरा अवसर है इससे पहले टीम वीरेंद्र सहवाग,गौतम गंभीर, केविन पीटर्सन की अगुवाई में कभी भी आईपीएल का खिताब अपने नाम नहीं कर पाई है।
अय्यर सबसे युवा कप्तान
टीम के हेड कोच रिकी पोटिंग और कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में टीम ने इस सीजन में बेहतर प्रदर्शन कर रही है। अय्यर टीम के अहम बल्लेबाज हैं और वह टीम इंडिया के बेहतरीन बल्लेबाजों की लिस्ट में शुमार हैं। महज 25 साल की उम्र में टीम की कमान संभालने वाले अय्यर सबसे युवा कप्तान हैं। पहले क्वालिफायर में मुंबई के खिलाफ दिल्ली की हार के बाद टीम जरूर अपने प्रदर्शन पर मंथन करेगी। इंग्लैंड के पूर्व मोंटी पनेसर भी अय्यर की की कप्तानी से काफी प्रभावित हैं।
गेंदबाजी की सबसे मजबूत
मोंटी पनेसर ने कहा कि मुंबई इंडियंस की टीम ने पहले क्वालिफायर की टीम ने जबरदस्त प्रदर्शन किया, लेकिन मुझे लगता है कि दिल्ली की टीम काफी अच्छा खेल दिखाया। श्रेयस अय्यर ने काफी सूझबूझ का प्रदर्शन किया। उन्होंने टीम की काफी बेहतरीन तरीके से अगुवाई की है। बीसीसीआई विराट कोहली के बाद टीम के भविष्य को लेकर सोच रही होगी, आखिर कौन उनके बाद टीम की कमान संभालेगा। अय्यर निसंदेह टीम इंडिया के कप्तान के तौर पर भारत का भविष्य हैं। अय्यर के बाद दिल्ली को आईपीएल का खिताब दिलाने का पूरा मौका है। गंभीर और सहवाग के पास टीम में तेज गेंदबाजों की कमी थी। टीम के पास दो बेहतरीन स्पिन गेंदबाज आर अश्विन और अक्षर पटेल हैं। इसके अलावा कैगिसो रबाडा और एनरिक नॉर्खिया जैसे सफल तेज गेंदबाज हैं। दिल्ली की टीम की गेंदबाजी काफी मजबूत है। अगर ये लोग अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो टीम आईपीएल का खिताब अपने नाम कर सकती है।
धवन-अय्यर के भरोसे दिल्ली की बल्लेबाजी
अय्यर ने आईपीएल में अपनी शुरुआत 2015 में की थी और इसके बाद से ही वह दिल्ली टीम का हिस्सा थे। अपने पहले आईपीएल में अय्यर ने 14 मैचों में 439 रन बनाए। 2017 में 12 मैचों में 338 रन, 2018 में 400 रन बनाए। 2018 में अय्यर टीम के कप्तान बने। 2019 में अय्यर ने 16 मैचों में 463 रन बनाए। इस सीजन में टीम के लिए शीर्ष क्रम के बल्लेबाज पृथ्वी शॉ बुरी तरह से विफल रहे हैं। जबकि शिखर धवन जबरदस्त फॉर्म में हैं। पिछले 15 मैचों में सलामी बल्लेबाजों ने 433 रन बनाए। शिखर धवन के नाम 525 रन है। धवन और अय्यर को छोड़ दें तो टीम की बल्लेबाजी जूझती नजर आ रही है। पृथ्वी शॉ और रिषभ पंत का खराब फॉर्म टीम के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।