कानपुर। पहले वनडे में भारत मैच जीतते-जीतते हार गया जिसके कारण रोहित शर्मा का शतक एक बार फिर से बेकार हो गया। इस हार का ठिकरा भले ही धोनी ने बल्लेबाजों और गेंदबाजों के ऊपर फोड़ा हो लेकिन आलोचकों और मैच समीक्षकों ने इस हार का जिम्मेदार मिस्टर धोनी को ही बताया है इसलिए लोगों की नजर में कानपुर वनडे के विलेन कप्तान धोनी ही हैं।
आखिर क्यों हुआ ऐसा?
दरअसल जिस समय कानपुर वनडे में रोहित शर्मा 150 रनों की पारी खेलकर आउट हुए उस समय भारत को जीत के लिए मात्र 23 गेंद पर 35 रन चाहिए थे और उसके 6 विकेट बचे थे ऐसे में धोनी ने जब पिच पर थे तो हर क्रिकेट प्रेमी यही सोच रहा था कि अब तो इंडिया जीत ही जायेगी लेकिन उसी समय सभी की सोच पर पानी फिर गया क्योंकि धोनी ने बेहद ही घटिया शॉट खेला और भारत हार गया।
निराशा ही निराशा
धोनी की कप्तानी में भारत ने पिछले एक साल से कोई भी टूर्नामेंट नहीं जीता है। पहले साल की शुरूआत में भारत ट्राईसीरीज हारा, फिर विश्वकप के सेमीफाइनल में हार हई, इसके बाद भारत बांग्लादेश से हार गया, फिर मेहमान साउथ अफ्रीका से टी20 सीरीज में भी टीम को बुरी तरह शिकस्त मिली और अब पांच वनडे मैचों वाली सीरीज का पहला मैच भी भारत धोनी की कप्तानी में हार गया है।
धोनी की कप्तानी ही नहीं बैटिंग पर भी सवाल
केवल धोनी की कप्तानी पर ही सवाल नहीं उठ रहे हैं बल्कि उनके खुद के परफार्मेंश पर भी लोग उंगलियां उठा रहे हैं। इस पूरे साल में अब तक उनके 16 वनडे में 459 रन हैं, जो किसी भी लिहाज से अच्छा आंकड़ा नहीं है इसलिए अब लोगों ने कहना शुरू कर दिया है कि मिस्टर फिनिशर अब फिनिश हो गये हैं.. जिसके कारण उन्हें खुद वनडे मैचों को टाटा कर देना चाहिए।
क्या आपको भी लगता है कि धोनी को क्रिकेट से संन्यास ले लेना चाहिए, अपना जवाब नीचे के कमेंट बॉक्स में दर्ज कराइये।