ग्रुप स्तर में अच्छा खेलने के बाद भारतीय टीम लगभग चार दिनों तक आराम किया। उसकेबाद सुपर-8 दौर में आस्ट्रेलिया से उसकी पहली भिड़ंत हुई लेकिन उसे बुरी तरह मुंह की खानी पड़ी। दूसरे मैच में उसकी वापसी की उम्मीद थी लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ उसके बल्लेबाज एक बार फिर दगा दे गए और उसे हार मिली।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुरेश रैना ने शानदार शतक लगाया था। रैना ने 60 गेंदों पर नौ चौकों और पांच छक्कों की मदद से 60 गेंदों पर 101 रन बनाए थे। उनकी इस पारी की मदद से भारत 186 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने में सफल रहा। जवाब में खेलने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम पांच विकेट पर 172 रन ही बना सकी थी।
आस्ट्रेलिया के खिलाफ भी भारत को ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद थी लेकिन कप्तान धौनी के टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करने के अनापेक्षित फैसले ने सारे किए कराए पर पानी फेर दिया। डेविड वार्नर, डेविड हसी और शेन वॉटसन की तूफानी पारियों की मदद से आस्ट्रेलिया ने पहले खेलते हुए पांच विकेट पर 184 रन बनाए।
जवाब में खेलने उतरी भारतीय टीम 17.4 ओवरों में 135 रन बनाकर पेवेलियन लौट गई। रोहित शर्मा (79) को छोड़कर कोई और बल्लेबाज आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की तूफानी रफ्तार के सामने नहीं टिक सका। इसके बाद भारतीय टीम का सामना वेस्टइंडीज से हुआ। इस मैच में भी उसे 14 रन से मुंह की खानी पड़ी।
इसके पीछे भी धौनी के गलत फैसले को कारण माना जा रहा है। आस्ट्रेलिया के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी लेने वाले धौनी ने एक बार फिर वही गलती दोहराई। उनके इस फैसले का फायदा उठाकर क्रिस गेल ने 98 रनों की शानदार पारी खेली और अपनी टीम को छह विकेट पर 169 रन के मजबूत योग पर पहुंचा दिया।
गेल ने भारतीय गेंदबाजों का माखौल उड़ाते हुए 66 गेंदों पर पांच चौके और सात छक्के लगाए। जवाब में खेलने उतरी भारतीय टीम 'तू चल मैं आया' की तर्ज पर चली और 20 ओवरों में नौ विकेट पर 155 रन ही बना सकी। इस हार ने भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को आखिरी मैच तक सीमित करने के साथ-साथ दूसरों पर आश्रित कर दिया।
भारतीय टीम अब भी सेमीफाइनल में पहुंच सकती है और इसके लिए उसके पास दो रास्ते हैं। पहला रास्ता ऐसा है, जिस पर खुद धौनी की टीम अमल कर सकती है लेकिन दूसरा रास्ता ऐसा है, जो पूरी तरह किस्मत के भरोसे है। इस लिहाज से भारतीय टीम को अपने आखिरी सुपर-8 मैच में अच्छा खेलने के साथ-साथ वेस्टइंडीज की हार की दुआ भी करनी होगी।
भारत का आखिरी सुपर-8 मैच मंगलवार को श्रीलंका के साथ होना है। सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को बनाए रखने के लिए उसे श्रीलंका को किसी भी हाल में कम से कम 20 रनों के अंतर से हराना होगा। इसके अलावा उसे मंगलवार को ही खेले जाने वाले दूसरे मुकाबले में आस्ट्रेलिया के हाथों वेस्टइंडीज की हार की दुआ मांगनी होगी। मौजूदा फार्म को देखते हुए आस्ट्रेलिया के लिए वेस्टइंडीज को हराना कठिन नहीं दिख रहा।
आंकड़ों के मुताबिक भारत ने इस विश्व कप में जितने रन बनाए हैं, उससे 63 रन अधिक अपने खिलाफ बनने दिए हैं। इस लिहाज से श्रीलंकाई टीम बेहतर स्थिति में है। उसके लिए यह अंतर सिर्फ 24 रनों का है। भारत अगर श्रीलंका को 20 रनों के अंतर से हराने में सफल रहता है तो फिर उसका अंतर घटकर 43 रन रह जाएगा जबकि श्रीलंका का अंतर बढ़कर 44 रन हो जाएगा। इस लिहाज से भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।