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शेर संग सेल्फी: जांच रिपोर्ट आई नहीं, 20 हजार देकर 'छूट गए' जडेजा

By Dharmender Kumar

अहमदाबाद। गुजरात के गिर अभयारण्य में शेरों के साथ सेल्फी लेकर फंसे भारतीय क्रिकेटर रविंद्र जडेजा को इस मामले से बड़ी आसानी से छुटकारा मिल गया है। दरअसल जूनागढ़ में वन विभाग के अधिकारियों ने इस मामले की जांच रिपोर्ट आने से पहले ही जडेजा पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाकर मामले को बंद कर दिया।

गौरतलब है कि क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की शेरों के साथ एक सेल्फी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। मामला उछलने पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) जेए खान ने इसकी जांच के आदेश दिए थे, लेकिन जांच रिपोर्ट उनकी टेबल पर पहुंचने से पहले ही अधिकारियों ने जडेजा पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाकर मामला बंद कर दिया।

जडेजा की जगह ससुर ने भरा जुर्माना

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक जूनागढ़ के अधिकारियों ने इस मामले में जडेजा को बुलाकर उनके बयान दर्ज करना भी जरूरी नहीं समझा। यहां तक कि जडेजा की जगह उनके ससुर हरदेव सिंह सोलंकी के दिए गए बयान और जुर्माने की रकम को स्वीकार भी कर लिया। वकालतनामे में तर्क दिया गया है कि जडेजा इस समय राज्य में मौजूद नहीं हैं इसलिए वे हाजिर नहीं हो सकते।

क्या कहते हैं वन विभाग के अधिकारी

यहां गौर करने वाली बात यह है कि जडेजा के ससुर 14 जून को अभयारण्य में लॉयन सफारी गए उन लोगों में शामिल नहीं थे, जिन्होंने शेरों के साथ सेल्फी ली थी। वहीं, वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में 15 जून को जांच शुरू गई थी और अंतिम रिपोर्ट को मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एपी सिंह ने मंजूरी दे दी थी। इसके बाद उन्हें अंतिम रिपोर्ट जेए खान को भेजनी थी।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने नहीं देखी रिपोर्ट

मामले पर टिप्पणी करने के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक जेए खान से अभी तक बात नहीं हो पाई है लेकिन एपी सिंह ने यह जरूर स्पष्ट किया है कि खान ने अंतिम जांच रिपोर्ट अभी तक देखी नहीं है। एपी सिंह ने कहा, 'मैं जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों का खुलासा नहीं कर सकता। जांच रिपोर्ट आ चुकी है और इसी हफ्ते प्रधान मुख्य वन संरक्षक को भेज दी जाएगी।'

बिना रिपोर्ट के कैसे हुई कार्रवाई

इस मामले को लेकर अब वन विभाग की जांच सवालों के घेरे में हैं। वन विभाग के ही एक अधिकारी ने बताया कि वन अधिनियम के उल्लंघन के मामले में तभी कार्रवाई की जा सकती है, जब अंतिम रिपोर्ट मिल जाए। लेकिन...इस मामले में जडेजा ने रिपोर्ट आने से पहले ही बिना उपस्थित हुए जुर्माना भर दिया और एक ही मामले में उनके ऊपर दो बार कार्रवाई नहीं हो सकती। अधिकारी ने सवाल उठाया कि जूनागढ़ के अधिकारियों ने आखिर जडेजा की जगह उनके ससुर का बयान कैसे मंजूर कर लिया?

Story first published: Monday, November 13, 2017, 11:14 [IST]
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