एफ्रो एशिया कप में बदलाव की तैयारी
नई दिल्ली,14 फरवरीः व्यस्त क्रिकेट कार्यक्रम के चलते एफ्रो एशिया कप के आयोजन पर छायी अनिश्चितता के बीच इसे लोकप्रिय बनाने के लिए इसका नया स्वरूप आजमाने पर विचार किया जा सकता है.
खेल वेबसाइट "क्रिकट इंफो" के मुताबिक इस टूर्नामेंट की आयोजन समिति की अगले महीने होने वाली बैठक में दर्शकों के बीच इसे लोकप्रिय बनाने के लिए नये उपायों पर विचार हो सकता है. टूर्नामेंट से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसमें सबसे अहम सुझाव यह है कि अब तक महाद्वीपीय आधार पर होने वाली प्रतियोगिता को बदला जाए.
उन्होंने कहा कि इसकी जगह पर अब दोनों महाद्वीपों की अपनी-अपनी प्रतियोगिताओं में विजयी और उपविजेता रहने वाली टीमों के बीच एफ्रो एशिया कप के लिए जंग हो सकती है. इसका मतलब है कि एशिया कप की तर्ज पर जल्द ही अफ्रीका कप का भी आयोजन शुरू होगा जिसमें दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, केन्या, नामीबिया और युगांडा शिरकत करेंगे.
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट कार्यक्रम की व्यस्तता के चलते इस टूर्नामेंट के लिए संबंधित टीमों का समय निकाल पाना काफी मुश्किल लग रहा है. इसके अलावा अप्रैल,मई में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का आयोजन शुरू होने से व्यस्तता और बढ़ गयी है. ऐसी स्थिति में एफ्रो एशिया कप का आयोजन खटाई में पड़ सकता है.
गौरतलब है कि गत वर्ष जून में भारत में खेला गया दूसरा एफ्रो एशिया कप दर्शकों को आकर्षति करने में नाकाम साबित हुआ था. तीसरा संस्करण आगामी जून में केन्या में खेला जाना है.
खेल वेबसाइट "क्रिकट इंफो" के मुताबिक इस टूर्नामेंट की आयोजन समिति की अगले महीने होने वाली बैठक में दर्शकों के बीच इसे लोकप्रिय बनाने के लिए नये उपायों पर विचार हो सकता है. टूर्नामेंट से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसमें सबसे अहम सुझाव यह है कि अब तक महाद्वीपीय आधार पर होने वाली प्रतियोगिता को बदला जाए.
उन्होंने कहा कि इसकी जगह पर अब दोनों महाद्वीपों की अपनी-अपनी प्रतियोगिताओं में विजयी और उपविजेता रहने वाली टीमों के बीच एफ्रो एशिया कप के लिए जंग हो सकती है. इसका मतलब है कि एशिया कप की तर्ज पर जल्द ही अफ्रीका कप का भी आयोजन शुरू होगा जिसमें दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, केन्या, नामीबिया और युगांडा शिरकत करेंगे.
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट कार्यक्रम की व्यस्तता के चलते इस टूर्नामेंट के लिए संबंधित टीमों का समय निकाल पाना काफी मुश्किल लग रहा है. इसके अलावा अप्रैल,मई में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का आयोजन शुरू होने से व्यस्तता और बढ़ गयी है. ऐसी स्थिति में एफ्रो एशिया कप का आयोजन खटाई में पड़ सकता है.
गौरतलब है कि गत वर्ष जून में भारत में खेला गया दूसरा एफ्रो एशिया कप दर्शकों को आकर्षति करने में नाकाम साबित हुआ था. तीसरा संस्करण आगामी जून में केन्या में खेला जाना है.
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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