10 साल पहले आज ही के दिन धोनी ने रचा था इतिहास और टीम इंडिया बनी थी विश्व विजेता
नई दिल्ली। 24 सितंबर 2017 यानी आज का दिन, 10 साल पहले इसी तारीख ने भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अद्भुत साबित हुआ था। जी हां 2007 में इसी दिन जोहानसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में अपने प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को धूल चटाकर टीम इंडिया टी-20 वर्ल्ड कप के पहले संस्करण की चैंपियन बनी थी। इसके साथ ही महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी ने टीम इंडिया को 1983 के बाद किसी विश्व कप पर कब्जा जमाने का दूसरा मौका दिया था। इस पूरे विश्व कप में टीम इंडिया ने एकजुट प्रदर्शन किया था। तो आइए विस्तार से चर्चा करते हैं 10 साल पहले आज ही के दिन के बारे में जब धोनी ने रच दिया था इतिहास और टीम इंडिया बनी थी वर्ल्ड चैंपियन।

यंग टीम इंडिया, दिग्गजों को नहीं मिली थी एंट्री
दक्षिण अफ्रीका में खेले गए पहले टी-20 विश्वकप में टीम इंडिया की अगुवाई महेंद्र सिंह धोनी कर रहे थे। इस टीम में वरिष्ठ खिलाड़ियों को दरकिनार कर इस अलग फॉर्मेट के लिए टीम इंडिया को धोनी, रोहित शर्मा जैसे नए चेहरों से सजाया गया था, ताकि टीम में नई उर्जा का विस्तार हो। यह वह दौर था जब टीम इंडिया के पास सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज खिलाड़ी थे, लेकिन इन खिलाड़ियों को इस फॉर्मेट में जगह नहीं दी गई थी।

इस टूर्नामेंट में बड़ी टीमों को हराया था भारत ने
इस टूर्नामेंट में धोनी की टीम ने ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड जैसी दिग्गज टीमों को धूल चटा फाइनल में अपनी जगह पक्की की थी। फाइनल मैच में टीम इंडिया का मुकाबला चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान से हुआ। फाइनल मैच इस कदर रोमांचक मोड़ पर पहुंचा था कि आखिरी गेंद पर मैच का फैसला सामने आया और भारतीय टीम ने जीत दर्ज की थी।

पठान-गंभीर ने की थी ओपनिंग
जोहानसबर्ग में खेले गए फाइनल मैच में दोनों ही टीमों पर जबरदस्त दबाव था। धोनी ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया था। इस मैच में गौतम गंभीर और युसुफ पठान को सलामी बल्लेबाजी के लिए भेजा गया था। हालांकि टीम इंडिया की शुरुआत कुछ खास नहीं हुई थी और पठान जल्द ही आउट हो गए और एक के बाद एक विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा। लेकिन दूसरे छोर पर गौतम गंभीर ने बल्लेबाजी की कमान संभाल रखी थी। उन्हें रोहित शर्मा का अच्छा साथ मिला और उन्होंने 30 रन बनाए थे।18वें ओवर में गंभीर 54 गेंदों का सामना कर 75 रन बनाए थे और टीम इंडिया का स्कोर 157/5 तक पहुंचान में मदद की।

पाक की भी शुरुआत कुछ खास नहीं रही
वहीं जब पाकिस्तान की टीम बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर उतरी तो मोहम्मद हफीज और इमरान नजीर ने टीम की शुरुआत की। लेकिन आरपी सिंह ने लगातार दो विकेट लेकर पाकिस्तान का तगड़ा झटका दिया और पाक का स्कोर तीसरे ओवर में 26/2 पहुंचा। पाकिस्तान के बल्लेबाज लगातार अपना विकेट गंवाते रहे लेकिन दूसरे छोर पर कप्तान मिस्बाह उल हक मजबूती के साथ जमे रहे और पाक को आखिरी ओवर तक ले जाने में अहम भूमिका निभाई।

कोई नहीं भूल सकता आखिरी ओवर का वो रोमांच
आखिरी ओवर में पाकिस्तान को 13 रन बनाने थे, लेकिन धोनी ने ऐसे अहम समय में गेंद जोगिंदर शर्मा को थमाई और उनकी पहली गेंद वाइड और दूसरी गेंद को मिस्बाह बाउंड्री के पार पहुंचा दिया था और छह रन हासिल किए। पाक टीम मजबूत स्थिति में थी। इसके बाद जोगिंदर फुलटॉस फेंका, जिस पर मिस्बाह ने छक्का जड़कर पाकिस्तानी उम्मीदों को फिर जगा दिया। इस गेंद ने भारत को झूमने का मौका दे दिया। मिस्बाह ने स्कूप शॉट खेलते हुए गेंद को शॉर्ट फाइन-लेग ओर उछाल दिया, जिसे श्रीसंत ने लपक लिया। टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 5 रनों से हराकर टी-20 वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया था।
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