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टीम इंडिया में चयन के लिए यह फिटनेस टेस्ट बड़ी बाधा

नई दिल्ली। टीम इंडिया में जगह बनाना खिलाड़ियों के लिए लगातार मुश्किल होता जा रहा है। पहले खिलाड़ियों को बेहतर खेल के साथ फिटनेस टेस्ट को पास करना होता था, लेकिन अब टीम में जगह बनाने के लिए टीम के खिलाड़ियों को फिटनेस का टेस्ट कंप्यूटर टेस्ट के जरिए पास करना होगा।

दरअसल पहले टीम में खिलाड़ियों के अनफिट होने के बाद भी टीम को उसका बोझ उठाना पड़ता था, लेकिन अब स्थिति से निपटने के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। फिटनेस को जांचने के तरीके में मापदंडो में बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके बाद इसे पास करना हर खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होगा।

रैंडम फिटनेस टेस्ट

टीम इंडिया के कंडिशनिंग कोच शंकर बासु इस नए फिटनेस टेस्ट के बारे में बताया है। दरअसल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में टीम के खिलाड़ियों की फिटनेस को टेस्ट करने के लिए रैंडम फिटनेस टेस्ट को अनिवार्य कर दिया गया है। यानि अब इस नियम के आने के बाद किसी भी खिलाड़ी का कभी भी फिटनेस टेस्ट हो सकता है, फिर वह टीम का कोई भी बड़ा या छोटा खिलाड़ी हो सकता है।

युवराज सिंह को बाहर होना पड़ा था


इस फिटनेस टेस्ट को यो यो टेस्ट नाम दिया गया है, इसी टेस्ट में फेल होने के बाद टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी युवराज सिंह को टीम से बाहर बैठना पड़ा था। जानकारी के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी औसत तौर पर 21 का स्कोर बनाते हैं, जबकि विराट कोहली, रवींद्र जडेजा और मनीष पांडे लगातार यह स्कोर बनाते हैं। वहीं जो खिलाड़ी 19.5 का स्कोर नहीं हासिल कर पाता है उसे फिटनेस टेस्ट में फेल करार दिया जाएगा।

पहले स्कोर बहुत कम था

गौरतलब है कि पहले टीम इंडिया के खिलाड़ी काफी कम स्कोर हासिल करते हैं, मोहम्मद अजहरुद्दीन, रॉबिन उथप्पा, अजय जडेजा 16 से 16.5 का स्कोर हासिल करते थे। लेकिन समय के साथ यह स्कोरिंग भी बदल गई है। अब खिलाड़ियों को कम से कम 19.5 का स्कोर हासिल करना होगा।

20 मीटर की दूरी

आपको बता दें कि यो यो टेस्ट में कई कोन को एक निश्चित दूरी पर लगाया जाता है, इसे 20 मीटर की दूरी पर दो अलग-अलग लाइन में लगाया जाता है। जिसके बाद खिलाड़ी को इसके बीच निर्देश के बाद दौड़ना होता है, जैसे ही बीप बजती है खिलाड़ी को मुड़ना होता है। हर मिनट के बाद रफ्तार को बढ़ाना होता है, ऐसे में अगर खिलाड़ी दोनों छोर पर जल्दी नहीं पहुंच पाता है और तो परीक्षण रोक दिया जाता है। यह पूरा फिटनेस टेस्ट एक सॉफ्टवेयर के जरिए किया जाता है, जिसके नतीजे ऑटोमैटिक दिखते हैं।

Story first published: Monday, November 13, 2017, 11:20 [IST]
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