WTC Final: दिल टूटने के बाद विलियमसन को मिल ही गया वो खिताब, चैम्पियन बनकर दिया ये बयान

नई दिल्लीः न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने बुधवार को साउथेम्प्टन में पहले आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में भारत को हराकर अपनी टीम को विशेष जीत दिलाई।

विलियमसन 2000 में स्टीफन फ्लेमिंग (आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी) के बाद आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले न्यूजीलैंड के दूसरे कप्तान बने, उन्होंने छठे और अंतिम दिन 139 रनों का पीछा करते हुए अपनी टीम को टेस्ट क्रिकेट में विश्व चैंपियन का ताज पहनाया। यह जीत न्यूजीलैंड क्रिकेट में सबसे होइ-प्रोफाइल रहेगी क्योंकि आईसीसी का यह खिताब बाकी ट्रॉफियों की तुलना में हासिल करना सबसे कठिन है। ऊपर से यह क्रिकेट का सबसे विशुद्ध फॉर्मेट है।

दिल टूटने के बाद विलियमसन को मिल ही गया वो खिताब-

दिल टूटने के बाद विलियमसन को मिल ही गया वो खिताब-

पिछली बार के विश्व कप में अपना दिल टूटा बैठे विलियमसन इस बार जीत से गदगद हैं। उन्होंने मैच के बाद कहा, "बहुत खास एहसास, कुछ करीबी [आईसीसी फाइनल में], एक ट्रॉफी को पाना। मैं विराट और भारतीय टीम को धन्यवाद देना चाहता हूं, वे एक अविश्वसनीय टीम हैं, हम जानते हैं कि यह कितना चुनौतीपूर्ण होगा। यह बहुत अच्छा था, हमारी टीम ने जीतने के लिए जो दिल दिखाया, वह शानदार टेस्ट मैच था।

"मैं पिछले कुछ समय से न्यूजीलैंड क्रिकेट का हिस्सा रहा हूं, यह एक बहुत ही खास एहसास है, हमारे इतिहास में पहली बार हम विश्व खिताब लेकर आए हैं। पिछले दो वर्षों में हमारे पास 22 खिलाड़ी हैं, और उन सभी ने अपनी भूमिका निभाई है और सहयोगी स्टाफ और जिन लोगों ने यह मैच खेला है, यह एक विशेष उपलब्धि है जिसका आनंद लिया जाना चाहिए।"

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जीत के बाद कही ये बात-

जीत के बाद कही ये बात-

न्यूजीलैंड को दुनिया की सबस लो-प्रोफाइनल टीम माना जाता है। वे शांत हैं और बड़े प्रचार में शामिल नहीं होते। उनको मैदान पर सभ्य बर्ताव और हार-जीत पर बहुत अधिक शोर-शराबा नहीं करने के लिए जाना जाता है। कीवी बोर्ड अक्सर दो टेस्ट मैचों की सीरीज ही कराता है। सबसे बड़ी बात यह है कि न्यूजीलैंड के पास केन विलियमसन को छोड़कर ऐसा कोई बहुत बड़ा नाम नहीं है जो पूरी दुनिया में चर्चित हो। हालांकि टीम के सभी खिलाड़ी बहुत अच्छे है खासकर पेस अटैक तो शानदार है। केन ने इस बारे में बात करते हुए कहा, "हम जानते हैं कि हमारे पास हमेशा सितारे नहीं होते हैं, हम खेल में बने रहने और प्रतिस्पर्धी होने के लिए कई चीजों पर भरोसा करते हैं। हमने इस खेल में क्रिकेट की अपनी शैली के लिए बहुत दिल से काम किया और प्रतिबद्धता देखी, हम जानते हैं कि यह भारतीय टीम हर परिस्थिति में कितनी मजबूत है।

उन्होंने आगे कहा, "एक फाइनल में यह हमेशा आसान नहीं होता है, हम एक बार के टेस्ट मैच का सम्मान करते हैं, किसी टीम को वास्तव में बहुत बढ़त नहीं मिली, और यह आखिरी दिन आया जो कि फैंस के लिए अच्छा था।

भारत की तारीफ करना नहीं भूले-

भारत की तारीफ करना नहीं भूले-

पहली पारी में बैटिंग करना कठिन था। भारत का अद्भुत आक्रमण है और वे आपको हिट करने के लिए बहुत कुछ नहीं देते हैं। हमने निचले क्रम से बहुत दिल दिखाया और हमने किसी तरह की बढ़त में जाने की कोशिश की। यह एक बहुत सपोर्टिंग सतह थी, और केवल चार दिनों का क्रिकेट होने के कारण, हमेशा एक परिणाम की संभावना होती थी।"

विलियमसन और पूर्व कप्तान रॉस टेलर रिजर्व डे के अंत तक क्रीज पर बने रहे और सुनिश्चित किया कि उनकी टीम तीसरे विकेट के लिए 96 रन की अटूट साझेदारी के साथ फिनिश लाइन पर पहुंचे।

कप्तान केन विलियमसन 52 और रॉस टेलर 47 रन पर नाबाद थे क्योंकि न्यूजीलैंड टेस्ट क्रिकेट का पहला आधिकारिक विश्व चैंपियन बना। उनके फास्ट बॉलिंग आक्रमण ने भारत को 217 और 170 रन पर आउट करके जीत का रास्ता तैयार किया जबकि 2 पूरे दिन बारिश के चलते धुल गए थे।

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Story first published: Thursday, June 24, 2021, 8:32 [IST]
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