कोच्चि फ्रेंचाइजी की नीलामी 1,530 करोड़ रुपये में हुई थी। माना जाता है कि थरूर ने इस फ्रेंचाइजी को हासिल करने वालों की मदद की थी। मोदी की ओर से सोमवार को सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट ट्विटर पर इस फ्रेंचाइजी के बारे में की गई टिप्पणी के बाद थरूर सबके निशाने पर आ गए हैं। अब उन्होंने इस पर सफाई देते हुए आईपीएल कमिश्नर को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।
थरूर ने कहा, "फ्रेंचाइजी समझौते में कुछ बदलावों की बात कह कर मोदी ने कोच्चि टीम की स्वीकृति टाल दी थी। इसके बाद कोच्चि के लिए बोली लगा रहे लोगों ने इसमें बदलाव किया और फिर मोदी से मिलने बेंगलुरू गए। वहां उस दिन एक आईपीएल मैच के बाद मोदी से उनकी मुलाकात हुई।"
उन्होंने कहा, "सुझावों के मुताबिक बदलाव किए जाने के बाद भी कोच्चि के लिए बोली लगाने वालों को सवालों की एक फेहरिस्त थमा दी गई। उस समय इस बात का संदेह हुआ कि मानो मोदी स्वीकृति देने में विलंब कर रहे हैं और इसके लिए बहाने बना रहे हैं। इसी वजह से मैंने दखल दिया। क्या मोदी ने उस समय यह सब सही मंशा से किया था?"
मोदी पर निशाना साधते हुए थरूर ने कहा, "मोदी और अन्य लोग अपने अनैतिक प्रयास से केरल की फ्रेंचाइजी को रोकना चाहते थे जो पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया में सफल हुई थी। यह बहुत शर्मनाक है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।