
फिक्सिंग में फंसकर हुए थे बदनाम
हैंसी एक समय में अपनी कप्तानी को लेकर बुलंदियों की पर चढ़ रह थे पर इसी दाैरान उनके बीच फिक्सिंग करने का कीड़ा जाग उठा जो उन्हें बदनाम कर गया। साल 1996 में दक्षिण अफ्रीका के भारत दौरे में क्रोनिए बोरियत का शिकार थे, ऐसा तो किसी दस्तावेज़ में दर्ज नहीं है, अलबत्ता शुरुआती ना-नुकर के बाद साल 2000 में किंग कमीशन के सामने क्रोनिए ने ये कबूल किया था। भारत के खिलाफ तीसरे टेस्ट में भारत की जीत सुनिश्चित करने के लिए अंतिम दिन अगर उनकी टीम विकेट गंवाती है तो उन्हें 30 हजार डॉलर मिलेंगे।

आंसू भरी आंखों से मानी थी गलतियां
क्रोनिए ने माना कि उन्होंने पैसों के लिए फिक्सिंग की थी। क्रोनिए ने किंग्स कमीशन को बताया कि उन्होंने 1996 से 2000 के बीच अवैध सट्टेबाजों से कम से कम 13,00,00 डॉलर लिए, साथ ही महंगी लेदर जैकेट जो कि सट्टेबाज मार्लोन अरोनस्टम का तोहफा थी। बाद में उनके नाम केमैन द्वीप में कम से कम 72 बैंक खातों मिले। जज एरविन किंग की अध्यक्षता वाली समिति के सामने क्रोनिए ने अपने सभी अपराध स्वीकार किए। दुखी मन और आंसू भरी आंखों के साथ इस पूर्व कप्तान ने अपनी गलतियों को माना। जिसके बाद उनपर आजीवन बैन लगा दिया गया।

हो गया था माैत का एहसास
हैंसी ने अपने बड़े भाई फ्रांस से कहा था कि हम लोग क्रिकेट खेलने के लिए लगातार सफर करते हैं, कभी बस से तो कभी विमान से, और अब मुझे लगता है कि मेरी मौत एक प्लेन क्रैश में होगी और मैं स्वर्ग में जाऊंगा। इस बात की जानकारी खुद हैंसी के बड़े भाई ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू के दाैरान कही थी। उन्होंने इंटरव्यू में कहा था, ''क्रोनिए ने अपनी मौत एक दशक पहले ही देख ली थी।''


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