कुछ साबित नहीं कर रहा: युवराज
इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले वनडे मैच में बेहतरीन बल्लेबाज़ी करने वाले युवराज सिंह ने कहा है कि वे किसी को कुछ भी साबित करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं.
युवराज सिंह ने राजकोट वनडे में शानदार पारी खेली और भारत ने इंग्लैंड को 158 रनों से मात दी. युवराज ने सिर्फ़ 78 गेंद पर 138 रन बना डाले.
इस शानदार पारी के कारण युवराज सिंह को मैन ऑफ़ द मैच भी घोषित किया गया.
मैच के बाद पत्रकारों से बातचीत में युवराज ने कहा, "मैं ये सोचकर मैच खेलने नहीं उतरा था कि मुझे किसी को कुछ भी साबित करना है. दरअसल मुझे ख़ुद को यह साबित करके दिखाना था कि मैं इस स्तर पर अच्छा खेल सकता हूँ."
सहायता
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ की टीम से युवराज सिंह को अलग रखा गया था.
युवराज ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ भारतीय टीम के प्रदर्शन पर वे काफ़ी ख़ुश हैं. भारत ने चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ में भारत को 2-0 से मात दी थी. युवराज ने अपनी शतकीय पारी में 16 चौके और एक छक्का लगाया.
अपनी पारी के बारे में युवराज ने कहा, "शुरू में मैं थोड़ा घबराया हुआ था क्योंकि पिछले कुछ समय से मेरे बल्ले से रन नहीं निकल रहे थे. लेकिन सहवाग और गंभीर ने हमें ज़बरदस्त शुरुआत दी. जब मैं पिच पर आया, उस समय सुरेश रैना अच्छा खेल रहे थे. इस कारण मुझे अपनी बुनियाद खड़ी करने में आसानी हुई."
राजकोट की पारी को युवराज ने वनडे मैचों की अपनी सर्वश्रेष्ठ पारियों में शामिल किया. युवराज ने सिर्फ़ 63 गेंद में ही अपना शतक पूरा कर लिया था.
लेकिन वे भारत की ओर से वनडे में सबसे तेज़ शतक लगाने के मोहम्मद अज़हरूद्दीन के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाए.
युवराज सिंह ने राजकोट वनडे में शानदार पारी खेली और भारत ने इंग्लैंड को 158 रनों से मात दी. युवराज ने सिर्फ़ 78 गेंद पर 138 रन बना डाले.
इस शानदार पारी के कारण युवराज सिंह को मैन ऑफ़ द मैच भी घोषित किया गया.
मैच के बाद पत्रकारों से बातचीत में युवराज ने कहा, "मैं ये सोचकर मैच खेलने नहीं उतरा था कि मुझे किसी को कुछ भी साबित करना है. दरअसल मुझे ख़ुद को यह साबित करके दिखाना था कि मैं इस स्तर पर अच्छा खेल सकता हूँ."
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ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ की टीम से युवराज सिंह को अलग रखा गया था.
युवराज ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ भारतीय टीम के प्रदर्शन पर वे काफ़ी ख़ुश हैं. भारत ने चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ में भारत को 2-0 से मात दी थी. युवराज ने अपनी शतकीय पारी में 16 चौके और एक छक्का लगाया.
अपनी पारी के बारे में युवराज ने कहा, "शुरू में मैं थोड़ा घबराया हुआ था क्योंकि पिछले कुछ समय से मेरे बल्ले से रन नहीं निकल रहे थे. लेकिन सहवाग और गंभीर ने हमें ज़बरदस्त शुरुआत दी. जब मैं पिच पर आया, उस समय सुरेश रैना अच्छा खेल रहे थे. इस कारण मुझे अपनी बुनियाद खड़ी करने में आसानी हुई."
राजकोट की पारी को युवराज ने वनडे मैचों की अपनी सर्वश्रेष्ठ पारियों में शामिल किया. युवराज ने सिर्फ़ 63 गेंद में ही अपना शतक पूरा कर लिया था.
लेकिन वे भारत की ओर से वनडे में सबसे तेज़ शतक लगाने के मोहम्मद अज़हरूद्दीन के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाए.
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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