क्रिकेट से संन्यास के बाद युवराज ने बताया क्या है उनका फ्यूचर प्लान

Yuvraj Singh reveals his post retirement plan

नई दिल्ली। क्रिकेट में अपने जुनून से नए रंग भरने वाले युवराज सिंह आखिर सोमवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदा हो गए। युवराज ने अपने जिस अंदाज से भारत में क्रिकेट खेलने का अंदाज बदला था उसके विस्तृत स्वरूप की अभिव्यक्ति आज भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के रूप में हो रही है। इसलिए यह बात सच ही है कि युवराज जैसे क्रिकेटर कभी रिटायर नहीं होते बल्कि वे एक नई भूमिका में अपने जिंदगी की कोई सार्थक कहानी लिख रहे होते हैं। ऐसे में युवराज सक्रिय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायर तो हो गए हैं लेकिन अभी भी उनको जीवन में काफी कुछ करना बाकी है।

युवी का रिटायरमेंट के बाद प्लान-

युवी का रिटायरमेंट के बाद प्लान-

युवी ने अपनी भविष्य की कई योजनाओं पर तो खुद ही प्रकाश डाल दिया है। उन्होंने बताया है कि अभी वे पूरी तरह से क्रिकेट को नहीं छोड़ने वाले हैं। बल्कि इस उम्र में वे क्रिकेट का और भी आनंद उठाना चाहते हैं। हां, यह आनंद अब लंबे-लंबे मैचों और लाल गेंद के थका देने वाले गेम में नहीं होगा। लेकिन युवराज फिलहाल कुछ समय के लिए टी-20 क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं अभी टी-20 क्रिकेट खेलना चाहता हूं। उम्र के इस पड़ाव में, मैं थोड़ा हल्का-फुल्का मजेदार क्रिकेट खेल सकता हूं, मैं अब अपने जीवन का आनंद उठाना चाहता हूं।'

आईपीएल की टेंशन नहीं लेना चाहते युवराज

आईपीएल की टेंशन नहीं लेना चाहते युवराज

वैसे भी अब युवी के लिए खुद को साबित करने हेतु कुछ बाकी नहीं रह गया है। वे जिस स्टेज में हैं वहां पर उनको अपने हिसाब से जीवन जीने का पूरा हक है। उन्होंने कहा है कि वे अब वे किसी तरह के दबाव और आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में परफॉर्म करने के बोझ की परवाह नहीं करते हैं। हालांकि बीसीसीआई की अनुमति के हिसाब से वे अपना खेल खेलना जारी रखेंगे। युवराज कहते हैं, 'यह लंबी और कठिन यात्रा रही है, मुझे लगता है मैं इसका हकदार हूं। मैंने बीसीसीआई के साथ बातचीत कर ली है और अब अपनी संन्यास की इस घोषणा के बाद भी मैं उनसे बात करंगा।'

हेजल कीच ने युवराज सिंह के संन्यास के बाद कह दी दिल की बात

पिता का सपना पूरा करने की खुशी

पिता का सपना पूरा करने की खुशी

इसके अलावा क्रिकेट से लगाव पर बोलते हुए युवराज सिंह ने कहा "इस खेल के प्रति मेरी भावना को शायद मैं शब्दों में नहीं बता सकता लेकिन इस खेल ने मुझे लड़ना सिखाया, मुझे जीना सिखाया, गिरकर उठना सिखाया और कैसे कठिन परस्थितियों से लड़ना सिखाया। मैं जीवन में सफल होने से अधिक असफल हुआ लेकिन मैं ने कभी जीवन में हार नहीं मानी और जब तक सांस है तब तक न कभी हार मानूंगा। क्रिकेट ने मुझे सबसे अधिक यही सिखाया है। मैं ने अपने जीवन में क्रिकेट को अपना दिल और अपनी जान सब कुछ दिया जब से मैं ने इसे चुना और खासकर तब जब मैं ने अपने देश का नेतृत्व किया। मैंने बचपन से अपने पिता के लिए एक सपना देखा कि मैं वर्ल्ड कप खेल सकूं और जीत पाऊं, मुझे इस बात की खुशी है कि मैं उनका यह सपना पूरा कर सका।"

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Story first published: Monday, June 10, 2019, 20:26 [IST]
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