भारतीय निशानेबाजी की प्रमुख खिलाड़ी, एलेवेनिल वलारिवन, चेन्नई में रहती हैं। वे अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, और तमिल भाषाएं धाराप्रवाह बोलती हैं। एलेवेनिल ने अहमदाबाद के भवन के शेठ आर.ए. कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स एंड कॉमर्स से अंग्रेजी साहित्य में उच्च शिक्षा प्राप्त की। निशानेबाजी की उनकी यात्रा 2012 में शुरू हुई, लेकिन उन्होंने जुलाई 2014 में संस्कारधाम स्कूल में इस खेल को गंभीरता से लेना शुरू किया।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2021 | Mixed 10m Air Rifle Team | 12 |
| 2021 | Women's 10m Air Rifle | 16 |
एलेवेनिल चेन्नई के गन फॉर ग्लोरी शूटिंग अकादमी में प्रशिक्षण लेती हैं। उनके निजी कोच गगन नारंग और नेहा चव्हाण हैं। वे अपनी दाहिनी आँख और दाहिने हाथ से निशाना लगाती हैं। एलेवेनिल ने 2018 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया।
एलेवेनिल के करियर पर भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा का प्रभाव रहा है। उनके आदर्श गगन नारंग हैं। मार्च 2017 में, उन्हें अत्यधिक कसरत के कारण घुटने में चोट लगी, लेकिन उन्होंने प्रतिस्पर्धा जारी रखी। उनके खेल दर्शन में सटीकता और धैर्य पर जोर दिया जाता है, खासकर 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में।
2022 में, एलेवेनिल को भारत के युवा मामले और खेल मंत्रालय से अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनके पिता ने राज्य स्तर पर वॉलीबॉल खेला, जिसने उनके परिवार की खेल विरासत में इज़ाफ़ा किया।
एलेवेनिल अपने परिवार से प्रेरणा लेती हैं। उनकी माँ सरोजा ने कॉलेज प्रोफेसर और प्रिंसिपल के रूप में काम किया, जबकि परिवार की जिम्मेदारियों को भी संभाला। उनके भाई भारतीय सेना में सेवा करते हैं। एलेवेनिल अपनी माँ की शांतता और महत्वपूर्ण स्थितियों को संभालने की क्षमता की प्रशंसा करती हैं।
भविष्य के लिए, एलेवेनिल का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करना जारी रखना है। वे आगामी वैश्विक प्रतियोगिताओं में भाग लेने की योजना बना रही हैं, उत्कृष्टता के लिए प्रयास कर रही हैं और देश के लिए और अधिक लॉरेल लाने का लक्ष्य रखती हैं।
एलेवेनिल वलारिवन की यात्रा समर्पण, कड़ी मेहनत और एक मजबूत समर्थन प्रणाली को दर्शाती है। सटीकता और धैर्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए, वे निशानेबाजी की दुनिया में लगातार महत्वपूर्ण प्रगति कर रही हैं।