अल्माटी, कज़ाखस्तान के एक एथलीट ने खेल की दुनिया में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने अपनी यात्रा चीन के पीपुल्स रिपब्लिक में आठ साल की उम्र में वेटलिफ़्टिंग से शुरू की थी। उनके कोच, तल्गत बैमाशोव और विक्टर नी, उनके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2016 | Men's 62kg | B कांस्य |
उनके निजी कोच, तल्गत बैमाशोव और विक्टर नी, उनके करियर में सहायक रहे हैं। वे विक्टर नी को अपनी खेल यात्रा में सबसे प्रभावशाली व्यक्ति मानते हैं।
2016 में रियो डी जनेरियो में हुए ओलंपिक खेलों में 62 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतना उनकी यादगार उपलब्धियों में से एक है। इस उपलब्धि ने उन्हें कज़ाखस्तान के राष्ट्रपति से "ऑर्डर ऑफ़ कुरमेट" से सम्मानित किया।
इसके अलावा, उन्हें कज़ाखस्तान में "हॉनरड मास्टर ऑफ़ स्पोर्ट" का खिताब भी मिला है। ये सम्मान वेटलिफ़्टिंग में उनके समर्पण और सफलता को उजागर करते हैं।
2013 में, रूसी संघ के कज़ान में विश्व विश्वविद्यालय खेलों में, उनका मेटेनोलोन के लिए परीक्षण सकारात्मक पाया गया। इससे उन्हें खेल से दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया। वे जुलाई 2015 में प्रतियोगिता में वापसी के लिए योग्य हो गए।
वेटलिफ़्टिंग के अलावा, उन्हें यात्रा और पहाड़ पर चढ़ना पसंद है। ये शौक उनके कठोर प्रशिक्षण कार्यक्रम को संतुलित करते हैं।
आगे देखते हुए, उनका लक्ष्य ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है। यह लक्ष्य उन्हें अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाने और उत्कृष्टता की ओर प्रयास करने के लिए प्रेरित करता है।
वे बहुभाषी हैं, कज़ाख, मंदारिन और रूसी भाषाएँ बोलते हैं। यह कौशल उन्हें खेल समुदाय के अंदर और बाहर, विभिन्न लोगों के साथ जुड़ने की अनुमति देता है।
ब्राजील के फुटबॉल खिलाड़ी रोनाल्डो उनके आदर्श हैं। रोनाल्डो के करियर और उपलब्धियाँ उन्हें अपने खेल में महानता हासिल करने के लिए प्रेरित करते हैं।
इस एथलीट की यात्रा समर्पण, लचीलापन और वैश्विक मंच पर अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।