जोहांसबर्ग। फुटबाल के जुनूनी लोगों के लिए देशों की सीमाएं और दूरियां मायने नहीं रखतीं। यही कारण है कि पुर्तगाल के तीन जुनूनी प्रशंसक 42 दिनों की सड़क यात्रा और 11 देशों की सीमाएं लांघकर फीफा विश्व कप-2010 के लिए दक्षिण अफ्रीका पहुंचे हैं।
अपनी राष्ट्रीय टीम का हौसलाअफजाई करने के लिए जोहांसबर्ग में डेरा डाले इस तीन सदस्यीय दल का नेतृत्व कर रहे हैं कार्लोस ब्रूम, जो एक थोक दुकानदार हैं। ब्रुम और उनके दो अन्य साथियों ने ब्रूम की 1980 मॉडल मर्सीडीज बेंज वैन में सवार होकर यह यात्रा पूरी की है।
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उनके दूसरे दोस्त का नाम जॉर्ज फ्रांको है और वह पेशे से होटल व्यवसायी हैं। तीसरे दोस्त हैं, जोएकिम बेतिस्ता जो लैंडस्केपर हैं। तीनों दोस्तों को क्रिस्टियानो रोनाल्डो के प्रति लगाव ने दक्षिण अफ्रीका तक का सफर सड़क मार्ग से तय करने का मनोबल दिया।
वैसे ब्रूम की वैन किसी आलीशान होटल से कम नहीं है। उसमें हरेक तरह की सुख-सुविधा की व्यवस्था है। इस वैन में दो किंग साइज बेड, स्नानघर, रसोई, फ्रीजर और डाइनिंग कक्ष भी है। यह वैन जेनरेटर के माध्यम से बिजली प्राप्त करती है।
ब्रूम और उनके साथियों ने यात्रा शुरू करने से पहले इस वैन को विश्व कप के रंगों से सजाया था। इसका कारण यह था कि वे अपनी इस यात्रा को हर लिहाज से यादगार बनाना चाहते थे। अपनी यात्रा के दौरान तीनो दोस्त स्पेन, फ्रांस, ट्यूनिशिया, लीबिया, मिस्र, सुडान, इथोपिया, केन्या, तंजानिया, मोजाम्बिक होते हुए दक्षिण अफ्रीका पहुंचे। ये खुद को पुर्तगाल के सबसे बड़े फुटबाल प्रशंसक बताते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।