जोहांसबर्ग। मेजबान दक्षिण अफ्रीका और मध्य अमेरिकी देश मेक्सिको के बीच शुक्रवार को सॉकर सिटी स्टेडियम में खेला गया फीफा विश्व कप-2010 का उद्घाटन मुकाबला 1-1 की बराबरी पर खत्म हुआ। इस तरह ग्रुप-ए के पहले मुकाबले में दोनों टीमें अंक बांटने पर मजबूर हुईं।
विश्व कप के 19वें संस्करण में पहला गोल दक्षिण अफ्रीका ने 55वें मिनट में किया जबकि मेक्सिको ने शानदार खेल दिखाते हुए 79वें मिनट में बराबरी वाला गोल दागा। दक्षिण अफ्रीका के लिए 55वें मिनट में मिडफील्डर शिपहीवी शाबालाला गोल दागा।
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26 वर्षीय शाबालाला को फीफा विश्व कप-2010 में पहला गोल करने का गौरव प्राप्त हुआ। मेक्सिको के लिए पहला और मैच का दूसरा गोल 79वें मिनट में डिफेंडर राफेल मारक्वेज ने किया। बार्सिलोना के लिए खेलने वाले मारक्वेज ने 91वें मैच में खेलते हुए 11वां अंतर्राष्ट्रीय गोल किया। मध्यांतर तक दोनों टीमें एक भी गोल नहीं कर सकी थीं। लगभग एक लाख दर्शकों की मौजूदगी में खेले गए इस मुकाबले के शुरुआती 45 मिनट और फिर अगले 45 मिनट रोमांच से भरपूर रहे।
मेक्सिको को अब तक सर्वाधिक पांच बार विश्व कप का उद्घाटन मैच खेलने के लिए चुना गया है। खास बात यह है कि उद्घाटन मुकाबले में अब तक किसी भी मेजबान देश को हार नहीं मिली है। दक्षिण अफ्रीका-मेक्सिको मुकाबले को मिलाकर अब तक ऐसे आठ वाकये हुए हैं लेकिन मेजबान अपनी साख बचाने में सफल रहे हैं। इटली 1934, स्वीडन 1958, चिली 1962 और जर्मनी ने 2006 में अपने पहले मैच में जीत हासिल की थी।
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इससे पहले, दो मैच ऐसे भी हुए हैं जिनमें मेजबान देश को ड्रॉ से संतोष करना पड़ा है। 1966 में इंग्लैंड को उरुग्वे के खिलाफ और 1970 में मेक्सिको को सोवियत संघ के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ खेलना पड़ा था। मेजबान के तौर पर विश्व कप के उद्घाटन मैचों में सबसे बड़ी जीत हासिल करने का रिकार्ड इटली के नाम है। इटली ने 1934 में अपने घर में खेले गए विश्व कप के पहले मुकाबले में अमेरिका को 7-1 से पराजित किया था।
बहरहाल, गोलपोस्ट पर किए गए आक्रमण के लिहाज से मेक्सिको की टीम मेजबान टीम से आगे रही। पूरे मैच के दौरान उसने कुल 12 बार दक्षिण अफ्रीकी गोलपोस्ट पर धावा बोला जबकि मेजबान टीम सिर्फ नौ बार ऐसा कर सकी। दोनों टीमों को दो-दो खिलाड़ियों को पीला कार्ड दिखाया गया। फाउल खेलने के मामले में मेजबान टीम आगे रही जबकि मेक्सिको की टीम ने 58 फीसदी मौकों पर गेंद अपने पास रखा।
शाबालाला को मैन आफ द मैच चुना गया। यह पहला मौका है जब मैन ऑफ द मैच चुनने का अधिकार प्रशंसकों को मिला है। प्रशंसकों ने ऑनलाइन रहकर शाबालाला को इस सम्मान के लिए चुना।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।