नेल्सप्रूईट। दक्षिण अमेरिकी देश चिली ने बुधवार को फीफा विश्व कप-2010 के अंतर्गत बोम्बेला स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-एच के रोचक मुकाबले में मध्य अमेरिकी देश होंडुरास को 1-0 से पराजित कर दिया। मध्यांतर तक विजेता टीम इसी अंतर से आगे थी।
चिली के लिए मैच का एकमात्र गोल मेक्सिको के अमेरिका क्लब के लिए पेशेवर फुटबाल खेलने वाले फारवर्ड खिलाड़ी जीन ब्यूसेजोर ने 34वें मिनट में किया। इस गोल में डिफेंडर मौरिसियो इस्ला और मिडफील्डर जार्ज वाल्वीदिया ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मध्यांतर तक के खेल में चिली की टीम ने प्रभावशाली खेल दिखाया। उसने 62 फीसदी समय तक गेंद को अपने कब्जे में रखा। वैसे ज्यादा आक्रामक खेल दिखाने के कारण चिली के खिलाड़ियों को 11 मौकों पर रेफरी ने चेतावनी दी। इस मामले में होंडुरास के खिलाड़ियों को सिर्फ छह बार चेतावनी मिली। चिली के दो खिलाड़ियों को फाउल खेल दिखाने के कारण पीला कार्ड दिखाया गया जबकि होंडुरास के एक खिलाड़ी को ही यह कार्ड दिखाया गया।
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मध्यांतर के बाद होंडुरास ने अपने खेल का स्तर थोड़ा ऊंचा उठाया लेकिन वह गोल नहीं कर सका। इस बीच चिली के खिलाड़ियों ने भी गोल करने के कई अच्छे मौके गंवाए। चिली के प्रयासों को बेकार करने में होंडुरास के गोलकीपर नोएल वालादारेस की अहम भूमिका रही। उन्होंने कम से कम तीन मौकों पर चिली को गोल अंतर बढ़ाने से रोका। दूसरे हॉफ में दोनों टीमों ने साफ-सुथरा खेल दिखाया। यही कारण रहा कि इस हॉफ में एक भी खिलाड़ी को पीला कार्ड नहीं दिखाया गया।
इस ग्रुप के अंतर्गत बुधवार को ही यूरोपीय देश स्विट्जरलैंड और यूरोपीयन चैम्पियन स्पेन के बीच डरबन के डरबन स्टेडियम में एक और मैच खेला जाएगा। यह मैच खिताब का दावेदार माने जा रहे स्पेन के लिए काफी अहम है। चिली को दक्षिण अमेरिकी देशों की वरीयता सूची में चौथा तथा फीफा के वरीयता क्रम में 18वां स्थान प्राप्त है जबकि होंडुरास की टीम कॉनकैफ में तीसरे और विश्व वरीयता में 38वें क्रम की टीम है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।