नेल्सप्रूईट। मौजूदा विश्व चैम्पियन इटली को फीफा विश्व कप-2010 के ग्रुप-एफ में लगातार दूसरी बार ड्रॉ खेलने पर मजबूर होना पड़ा। रविवार को मोम्बेला स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में न्यूजीलैंड ने उसे 1-1 की बराबरी पर रोक दिया।
इटली को अपने पहले ग्रुप मुकाबले में दक्षिण अमेरिकी देश पराग्वे के खिलाफ भी ड्रॉ खेलना पड़ा था। पराग्वे की टीम रविवार को स्लोवाकिया पर 2-0 से जीत हासिल करके अंक तालिका में सबसे ऊपर पहुंच गई है। इससे पहले 2002 में फ्रांस ने मौजूदा चैम्पियन की हैसियत से अपने शुरुआती दो मैचों में ड्रॉ खेला था। न्यूजीलैंड ने भी इस ग्रुप में लगातार दूसरा ड्रॉ खेला है।
इटली के खिलाफ न्यूजीलैंड का ड्रॉ खेलना एक लिहाज से बड़ी सफलता है लेकिन उसे अपने पहले मुकाबले में स्लोवाकिया के खिलाफ ड्रॉ खेलने पर मजबूर होना पड़ा था। न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया ने दो-दो मैचों से दो-दो अंक जुटाए हैं। बहरहाल, मध्यांतर तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं। मघ्यांतर के बाद इटली ने कई बार किवी गोल पोस्ट पर आक्रमण किए लेकिन गोलकीपर की चपलता और डिफेंडरों के जुझारूपन के कारण उसका एक भी प्रयास सफल नहीं हो सका।
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मध्यांतर के बाद न्यूजीलैंड ने भी कुछ अच्छे मौके गंवाए। 83वें मिनट में रीड ने बढ़त हासिल करने का एक बेहतरीन मौका खो दिया। उस गोल के कारण न्यूजीलैंड के सफर की तस्वीर बदल सकती थी। खास बात यह है कि इस मैच का पहला गोल न्यूजीलैंड ने किया और इटली की टीम ने 29वें मिनट में मिले पेनाल्टी के माध्यम से बराबरी की थी। न्यूजीलैंड ने सातवें मिनट में गोल करके 1-0 की बढ़त हासिल की थी।
न्यूजीलैंड के फारवर्ड खिलाड़ी शेन स्मेलट्ज ने पहला गोल दागा था। इटली के लिए गोल करने का सौभाग्य फारवर्ड खिलाड़ी विन्सेंजो इयाक्वेंता को मिला। इयाक्वेंता ने बिना गलती किए गेंद को पोस्ट में डाल दिया। इटली को यह पेनाल्टी न्यूजीलैंड के डिफेंडर टॉमी स्मिथ द्वारा डी-क्षेत्र में इटली के खिलाड़ी डेनिएले डी रोसी को गलत तरीके से गिराने के कारण मिला। रोसी को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।