जोहांसबर्ग। अर्जेटीना के स्टार मिडफील्डर गोंजालो हिग्वेन फीफा विश्व कप-2010 में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को दिए जाने वाले प्रतिष्ठित 'गोल्डन बूट' की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं।
हिग्वेन के नाम इस विश्व कप का अब तक की एकमात्र हैट्रिक दर्ज है। उन्होंने विश्व कप में अब तक कुल चार गोल किए हैं जबकि जर्मनी के युवा स्टार थॉमस मुलर, स्पेन के डेविड विला, उरुग्वे के लुइस सुआरेज, स्लोवाकिया के रॉबर्ट विट्टेक, घाना के असोमह ग्यान और अमेरिका के लेंडन डोनोवान तीन-तीन गोलों के साथ इस दौड़ में दूसरे स्थान पर चल रहे हैं।
इसके अलावा 14 खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक विश्व कप में दो-दो गोल किए हैं। इनमें आस्ट्रेलिया के ब्रेट हॉलमैन, ब्राजील के लुइस फेबियानो, ब्राजील के इलानो, कैमरून के सैमुएल एट्टो,अर्जेटीना के कार्लोस तेवेज, घाना के असामोह ग्यान, जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज, जर्मनी के लुकास पोदोलस्की, जापान के केईसुके होंडा, नाइजीरिया के कालू उचे, पुर्तगाल के टियागो, उरुग्वे के डिएगो फोर्लान और दक्षिण कोरिया के ली जुंग सू प्रमुख हैं।
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इसके अलावा 63 खिलाड़ी ऐसे भी हैं, जिन्होंने अब तक इस विश्व कप में एक-एक गोल करने में सफलता हासिल की है। इनमें से कई खिलाड़ियों के नाम एक से अधिक गोल दर्ज हो सकते हैं क्योकि उनकी टीमें अगले दौर में प्रवेश कर गई हैं लेकिन कुछ के नाम इतने ही गोल रह सकते हैं क्योंकि उनकी टीमें विश्व कप से बाहर हो चुकी हैं।
दो मौका ऐसा भी आया है जब इस विश्व कप में आत्मघाती गोल हुए हैं। पहला गोल डेनमार्क के खिलाड़ी डेनिएल अगेर के नाम दर्ज है जबकि दूसरा आत्मघाती गोल दक्षिण कोरिया के खिलाड़ी पार्क यू यंग के नाम है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।