जोहांसबर्ग। फीफा विश्व कप-2010 में मैच अधिकारियों और रैफरी की ओर से एक के एक बाद की गई गलतियों ने रोमांच से भरपूर इस खेल से जुड़ी नई बहस को जन्म दे दिया है।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार इस विश्व कप में रैफरी के कई निर्णयों से फुटबाल प्रशंसकों को निराश होना पड़ा। रविवार को नॉकआउट दौर के दोनों मुकाबलों में गलतियां की गईं। पहले मुकाबले में रैफरी की गलती का खामियाजा इंग्लैंड को और दूसरे में मेक्सिको को भुगतना पडा।
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अर्जेटीना के स्टार स्ट्राइकर कार्लोस तेवेज ने मैच के 26वें मिनट में लियोनेल मेसी से मिले एक पास को गोल में तब्दील कर दिया हालांकि वह पूरी तरह से ऑफ साइड थे। मेक्सिको के खिलाड़ियों ने इस पर विरोध जताया लेकिन रैफरी रॉबर्ट रोसेटरे को यह नजर नहीं आया। इस गोल की बदौलत ही अर्जेटीना बढ़त बनाने में कामयाब रहा और आखिरकार नतीजा भी 3-1 से उसके पक्ष में रहा।
इसी तरह से केपटाउन में जर्मनी और इंग्लैंड के बीच खेले गए मुकाबले में रैफरी की ओर से गलती की गई। इंग्लैंड का एक गोल नामंजूर कर दिया गया जबकि गेंद गोलपोस्ट की लाइन के अंदर दाखिल हो चुकी थी। खर, इस विवादित गोल को नामंजूर किए जाने के साथ ही इंग्लैंड का प्रदर्शन लचर रहा। नतीजतन उसे 1-4 से हार का सामना करना पड़ा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।