प्रीटोरिया। अर्जेटीना के स्टार स्ट्राइकर लियोनेल मेसी ने फीफा विश्व कप-2010 में अब तक शानदार खेल दिखाया है लेकिन उनके नाम एक भी गोल नहीं दर्ज हो सका है। इसी सूखे को खत्म करने के लिए मेसी इन दिनों अपने पूर्व कोच की शरण में हैं।
मेसी ने शुक्रवार को जर्मनी के साथ खेले जाने वाले महत्वपूर्ण क्वार्टर फाइनल मुकाबले के मद्देनजर स्पेन के क्लब बार्सिलोना के कोच रह चुके हेंक टेन केट की मदद लेने का फैसला किया। 55 वर्षीय टेन केट 2006 तक बार्सिलोना के प्रमुख कोच फ्रैंक रिज्कार्ड के सहायक रहे थे। केट बुधवार को अर्जेटीनी अभ्यास सत्र के लिए प्रीटोरिया के हाई परफॉरमेंस सेंट पहुंचे और मेसी को कुछ खास गुर सिखाए।
अब तक एक भी गोल नहीं कर सके हैं मेस्सी
मेसी ने विश्व कप में अपनी टीम के लिए कई गोल करने में मदद की है लेकिन उनके नाम अब तक एक भी गोल नहीं दर्ज हो सका है। पूरे मैच के दौरान विपक्षी खिलाड़ी उन्हें घेरे रहते हैं और यही कारण है कि कोच डियेगो मैराडोना चाहते हैं कि प्लेमेकर की भूमिका से निकलकर मेसी खुद भी टीम के लिए गोल करें। केट को इस बात से भारी निराशा हुई है कि अब तक खेले गए चार मुकाबलों में दूसरी टीमों के डिफेंडरों ने मेसी के खिलाफ गैरजरूरी फाउल खेले हैं।
केट ने अभ्यास सत्र के दौरान आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "इस विश्व कप में रेफरी के स्तर को लेकर कई तरह की बातें की जा रही हैं। ऐसे में रेफरियों को अच्छे और आकर्षक खेल दिखाने वाले खिलाड़ियों की रक्षा करनी चाहिए। इसका कारण यह है कि लोग मेसी जैसे खिलाड़ियों को देखने के लिए ही आते हैं।"
जर्मनी के खिलाफ प्रदर्शन का भरोसा
"मैं यह नहीं कहता कि रेफरी सिर्फ मेसी को लेकर ही सख्ती बरतें बल्कि कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो उनकी तरह ही आकर्षक खेल दिखाते हैं। सभी के हितों की रक्षा होनी चाहिए।" केट ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि मेसी जर्मनी के खिलाफ अपनी टीम के लिए गोल करने में सफल रहेंगे। बकौल केट, "अच्छे खिलाड़ी हमेशा मौके की तलाश में रहते हैं। मुझे यकीन है कि मेसी जर्मनी के खिलाफ अपना सूखा खत्म कर लेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।