अफगानिस्तान की महिला यूथ फुटबॉल टीम पाकिस्तान पहुंची, दूसरे देशों से मांगेंगी राजनीतिक शरण

नई दिल्लीः अफगानिस्तान में सरकार बदलने की वजह से वहां की महिला खिलाड़ियों के लिए भविष्य अनिश्चित हो गया है। अब अफगानी यूथ महिला फुटबॉल टीम की खिलाड़ी अपने परिवारों के साथ पाकिस्तान पहुंच गई हैं जहां से उनको दूसरे देशों में राजनीतिक शरण की राह तलाशनी है।

करीब 81 लोग तोरखम सीमा के रास्ते पाकिस्तान पहुंचे जिसमें कई यूथ टीमों की महिला खिलाड़ी, उनके कोचों और परिवार के सदस्य शामिल हैं। गुरुवार को 34 और आएंगे।

पाकिस्तान फुटबॉल महासंघ के एक वरिष्ठ अधिकारी उमर जिया ने कहा, "वे 30 दिनों के बाद किसी अन्य देश में जाएंगे क्योंकि कई अंतरराष्ट्रीय संगठन उन्हें यूके, यूएस और ऑस्ट्रेलिया सहित किसी अन्य देश में बसाने की दिशा में काम कर रहे हैं।"

उक्त टीम लाहौर में गद्दाफी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अंदर स्थित फीफा हाउस में रहेगी।

तालिबान के अधिग्रहण के बाद कई पूर्व और वर्तमान महिला फुटबॉल खिलाड़ी देश छोड़कर भाग गईं, जबकि टीम की एक पूर्व कप्तान ने अभी भी अफगानिस्तान में मौजूद खिलाड़ियों से अपने स्पोर्ट्स गियर को जलाने और अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को हटाने का आग्रह किया ताकि उनके ऊपर कट्टरपंथी जमात का कहर ना टूट पड़े।

तालिबान एक इस्लामिक समूह है जिसने आखिरी बार 1996 से 2001 तक अफगानिस्तान पर शासन किया था, तब लड़कियों को स्कूल जाने की अनुमति नहीं थी और महिलाओं को काम और शिक्षा से प्रतिबंधित कर दिया गया था। महिलाओं को खेलों से प्रतिबंधित कर दिया गया था और यह इस सरकार में भी जारी रहने की संभावना है। तालिबान के एक प्रतिनिधि ने 8 सितंबर को ऑस्ट्रेलियाई प्रसारक एसबीएस से कहा कि उन्हें नहीं लगता कि महिलाओं को क्रिकेट खेलने की अनुमति दी जाएगी क्योंकि यह इस्लाम के खिलाफ है और लड़कियां का खेलना बहुत जरूरी चीजों में नहीं आता।

हालांकि तालिबान द्वारा नियुक्त अफगान बोर्ड के नए चीफ का कहना है कि वे लड़कियों को खेल में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और उनकी क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से बातचीत चल रही है ताकी इस साल के अंत में होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच कैंसिल ना हो जाए। सीए का कहना है जो देश महिलाओं के प्रति ऐसा रवैया रखता है उसके साथ खेलना संभव नहीं है। फिलहाल बातचीत जारी है।

एसबीएस ने तालिबान के सांस्कृतिक आयोग के उप प्रमुख अहमदुल्ला वासीक के हवाले से कहा, "इस्लाम और इस्लामिक अमीरात महिलाओं को क्रिकेट खेलने या उस तरह के खेल खेलने की अनुमति नहीं देते हैं, जहां उनका पर्दाफाश (शरीर दिखना) होता है।"

Story first published: Wednesday, September 15, 2021, 23:53 [IST]
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