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दोहरी जवाबदेही का सवाल

पहला, भारतीय होने के नाते मैं सोच रहा हूँ कि मेरा देश पाकिस्तान के साथ युद्ध जैसी स्थिति में है और दूसरा, एक खेलप्रेमी के नाते मैं जानता हूँ कि जब दो देश एक-दूसरे के ख़िलाफ़ जंग लड़ रहे हों तो भी खेल आपस में जोड़ने का काम करता है.

इस दुनिया का नागरिक होने के नाते मैं मानता हूँ कि भारत को पाकिस्तान जाकर क्रिकेट खेलना चाहिए जैसा की आंतकवाद के ख़तरे के बावजूद इंग्लैंड ने भारत लौट कर किया.

क्रिकेट की दुनिया का नागरिक होने के नाते भी मैं मानता हूँ कि भारत को पाकिस्तान जाना चाहिए जैसा कि गुजरे दिनों में हुआ भी है.

एक भारतीय नागरिक होने के नाते मेरे पास इसके सिवा कोई विकल्प नहीं है कि मैं भी इस चर्चा में शरीक हो जाऊँ कि युद्ध होने जा रहा है, ख़ास कर तब जब एक भारतीय नागरिक की पहचान को सत्तासीन लोगों ने अगवा कर लिया हो और यही स्थिति पाकिस्तान में है.

और अगर पाकिस्तान मेरे देश में लोगों की हत्याओं में शामिल है तो मैं कैसे उनके साथ क्रिकेट खेलना चाहूँगा? इस पर कोई तर्क नहीं.

कोई फ़र्क नहीं

लेकिन क्रिकेट से जुड़े होने के नाते मैंने तीन बार पाकिस्तान का दौरा किया है और ये महसूस किया कि वहाँ भी लोग मेरे जैसे भारतीय से अलग नहीं हैं.

वो उसी समस्या से दो-चार हो रहे हैं जिससे हम. सत्ता का सुख भोग रहे लोग लड़ाई की ही याद दिलाते हैं और अपने आपको रक्षक के रुप में पेश कर रहे होते हैं.

एक आम आदमी वहाँ भी सत्तारुढ़ लोगों के वैसी ही गालियाँ देता है जैसा कि हम देते हैं.

इस मामले में दोनों ओर के लोगों का दुख और परेशानी एक जैसी है.

भौगोलिक राजनीतिक कारणों से कृत्रिम तौर पर डाली गई परतों को हटा दीजिए, मालूम हो जाएगा कि आम आदमी में फर्क नहीं है, वो पाकिस्तान में हो या हिंदुस्तान में.

भौगोलिक राजनीतिक कारणों से कृत्रिम तौर पर डाली गई परतों को हटा दीजिए, मालूम हो जाएगा कि आम आदमी में फर्क नहीं है, वो पाकिस्तान में हो या हिंदुस्तान में.

भौगोलिक राजनीतिक कारणों से कृत्रिम तौर पर डाली गई परतों को हटा दीजिए, मालूम हो जाएगा कि आम आदमी में फर्क नहीं है, वो पाकिस्तान में हो या हिंदुस्तान में.

मैं विश्व क्रिकेट का नागरिक होने के नाते काफी खुश हूँ जिसने मुझे 'शत्रु' देशों में भी जाने का मौका दिया और ये समझने में मदद की कि लोग एक जैसे ही है चाहे वो किसी भी देश से ताल्लुक रखते हों.

अगर राष्ट्रीयता छोड़ने का फ़ैसला मुझ पर छोड़ दिया जाए ते मैं विश्व क्रिकेट का नागरिक बनना चाहूँगा कि न कि किसी देश का.

यही कहूंगा - एक आपस में जोड़ता है तो दूसरा विभाजन पैदा करता है.

Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:21 [IST]
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