राष्ट्रमंडल खेल : भारत की झोली में आए 6 स्वर्ण पदक (राउंडअप)
इनमें से भारतीय महिला पहलवानों ने कुश्ती में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। निशानेबाजों ने तीन स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। तीरंदाजी में एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक मिला।
इसके अलावा भारतीय जिम्नास्ट ने भी भारत को शुक्रवार को एक रजत पदक दिलाया।
फ्रीस्टाइल कुश्ती में भारत की अनीता ने 67 किलोग्राम वर्ग और अल्का तोमर ने 59 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक पर कब्जा किया वहीं बबीता ने 51 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता।
निशानेबाजी में भारत के विजय कुमार ने 25 मीटर रैपिड फायर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। ओंकार सिंह ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन स्पर्धा में गगन नारंग और इमरान हसन खान ने स्वर्ण पदक जीता। वहीं मानवजीत सिंह और मनशेर सिंह की जोड़ी ने ट्रैप शूटिंग में रजत पदक जीता। इसके अलावा गुरप्रीत सिंह ने भी निशानेबाजी में रजत पदक जीता।
बैडमिंटन की मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को एक रजत मिला। इसके बाद पुरुष निशानेबाजों की टीम ने रिकर्व स्पर्धा में एक कांस्य पदक हासिल किया। साथ ही भारत के जिम्नास्ट आशीष कुमार ने कलात्मक जिम्नास्टिक स्पर्धा में रजत पदक जीता।
तीरंदाजी में शुक्रवार को भारत ने महिला एवं पुरुष दोनों श्रेणियों की टीम स्पर्धाओं में पदक जीते। दिन की शुरुआत में तीरंदाजी की रिकर्व टीम स्पर्धा में डोला बनर्जी, बोमबायाला देवी और दीपिका कुमारी ने यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में इंग्लैंड के साथ हुए फाइनल मुकाबले में स्वर्ण पदक हासिल किया।
उधर, टेनिस खिलाड़ी भी देश का नाम ऊंचा करने में किसी से पीछे नहीं रहना चाहते। भारत के शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी सोमदेव देववर्मन आस्ट्रेलिया के मैट इब्डेन को हराकर पुरुष एकल के फाइनल में प्रवेश कर गए।
सोमदेव ने यहां आर.के.खन्ना टेनिस कॉम्प्लेक्स में तीसरी वरीयता प्राप्त इब्डेन को एक घंटा 10 मिनट तक चले मुकाबले में 6-3, 6-1 से हराया।
राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारतीय तीरंदाजों ने पहली बार स्वर्ण जीता है। वैसे भारतीय तीरंदाज अब तक 19वें राष्ट्रमंडल खेलों में एक स्वर्ण, एक रजत और एक कोंस्य पदक जीत चुके हैं।
यमुना स्पोर्ट्स काम्पलेक्स में भारतीय पुरुष टीम को सेमीफाइनल में आस्ट्रेलिया के हाथों 211-216 के अंतर से हार झेलनी पड़ी थी। इससे निराश न होकर जयंत तालुकदार, तरुणदीप रॉय और राहुल बनर्जी ने तीसरे स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड को 221-218 से पराजित किया।
जीत से उत्साहित डोला ने बताया, " तीरंदाजी में भाग्य काफी महत्वपूर्ण होता है। आज यह हमारे साथ था। हमने करीब डेढ़ साल तक कड़ी मेहनत की है, जिसके चलते हमें सफलता मिली है।"
उधर, महिला कोच पूर्णिमा महतो ने खिलाड़ियों की जीत पर कहा, "खिलाड़ियों ने डेढ़ साल से लगातार आठ घंटे का अभ्यास किया है। इस दौरान खिलाड़ियों ने विदेशों में कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। भारत में हो रहे इतने बड़े खेल में मैं चाहती थी कि खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करें।"
शंघाई में तीरंदाजी का विश्व कप जीतने वाली पुरुष टीम के सदस्य तरूनदीप ने कहा, "हमें स्वर्ण जीतना चाहिए था, लेकिन हम सफल नहीं हो पाए। रोजाना से थोड़ी अधिक आद्रता हमारे हार का कारण बनी। हमने मैच के दौरान कमजोरी महसूस की।"
मैच के दौरान तरूनदीप और राहुल अपने प्रदर्शन में स्थिर नहीं रह सके। जबकि लय में चल रहे जयंत अच्छा अंक अर्जित करने के बाद भी प्रतियोगिता जिता नहीं पाए।
जयंत ने चार दौर में 80 अंक में से 72 अंक अर्जित किए। जबकि, राहुल और तरूनदीप ने क्रमश: 69 और 70 अंक ही अर्जित कर पाए।
आस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए सेमीफाइनल मुकाबले में अगर भारतीय खिलाड़ी अपने कोच लिम्बा राम का सबक याद रखते तो उन्हें कम से कम रजत पदक प्राप्त हो सकता था।
आस्ट्रेलिया से उलट इन खिलाड़ियों ने इंग्लैंड के खिलाफ अच्छा खेल दिखाया जबकि सेमीफाइनल मुकाबले में वे अपने कोच और धुरंधर तीरंदाज लिम्बा राम की सबक भूल गए थे।
कोच ने गुरुवार को कहा था कि वह महिला टीम से अधिक पुरुष टीम से स्वर्ण पदक की उम्मीद कर रहे हैं लेकिन महिलाओं ने दो कदम आगे निकलते हुए अपना निशाना सही साधा जबकि पुरुष अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे।
मलेशिया ने दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 217-213 से पराजित किया था।
तीरंदाजी को राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार वर्ष 1982 में शामिल किया गया था।
निशानेबाजी स्पर्धा मेंभारत ने शुक्रवार को तीन स्वर्ण पदक हासिल किए। इसके अलावा एक रजत और एक कांस्य पदक पर भारतीय निशानेबाजों ने कब्जा जमाया।
भारतीय निशानेबाज गगन नारंग और इमरान हसन खान ने 50 मीटर रायफल की थ्री पोजीशन पेयर्स स्पर्धा में भारत को निशानेबाजी में आठवां स्वर्ण पदक दिलाया, जबकि विजय कुमार ने 25 मीटर की रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण जीता।
कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 25 मीटर की रैपिड फायर पिस्टल प्रतियोगिता में निशानेबाज गुरप्रीत सिंह ने कांस्य पदक जीता। विजय और गुरप्रीत गुरुवार को हुए जोड़ी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।
विश्व के नंबर तीन निशानेबाज गगन ने कुल 1,167 अंक और इमरान ने 1,158 अंक अर्जित किए। इस तरह भारत कुल 2,325 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक का हकदार बना।
इस प्रतियोगिता में इंग्लैंड और स्कॉटलैंड दोनों ने 2,308 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल किया। इंग्लैंड को 10 सेंटीमीटर में स्कॉटलैंड के मुकाबले अधिक अंक अर्जित करने पर उसे रजत और स्कॉटलैंड को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
उधर, पुरुषों के 25 मीटर की रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में विजय कुमार ने अपने मेलबर्न के रिकार्ड को तोड़ते हुए नौवां स्वर्ण पदक जीता। विजय ने इस स्पर्धा में 787.5 अंक अर्जित किया। मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने 778.2 अंक प्राप्त किया था।
वहीं, कांस्य पदक जीतने वाले गुरप्रीत अपने प्रदर्शन से खुश नहीं थे।
निशानेबाज ओंकार सिंह ने भी शुक्रवार को 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में देश के लिए स्वर्ण पदक जीता।
जबकि, पुरुषों की ट्रैप पेयर्स स्पर्धा में भारतीय निशानेबाज मानवजीत संधू और मनशेर सिंह ने रजत पदक हासिल किया।
बैडमिंटन मिश्रित टीम स्पर्धा में शुक्रवार को भारत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इस स्पर्धा का स्वर्ण मलेशिया ने जीता।
ज्वाला गुट्टा और वी.दिजु को किएन किट कू और एई हुई चिन के हाथों 14-21, 21-10, 10-21 से पराजित होना पड़ा। पारापुली कश्यप को ली चांग वेई के हाथों 18-21, 7-21 पराजित होना पड़ा।
सायना नेहवाल ने म्यु चू वांग को 24-26, 21-17, 21-14 से पराजित किया। कू किएन कीट और टान बून हेओंग ने रूपेश कुमार और थामस सानेव को 21-12, 21-19 से पराजित किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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