टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम ने 47.5 ओवरों में अपने सभी विकेट गंवाकर 236 रन बनाए। कप्तान तिलकरत्ने दिलशान ने सर्वाधिक 78 रनों का योगदान दिया जबकि उपुल थरंगा ने 69 रन जोड़े।
दिलशान ने 66 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और दो छक्के लगाए जबकि थरंगा ने 97 गेंदों पर पांच बार गेंद को सीमा रेखा के पार भेजा। दोनों ने पहले विकेट के लिए 122 रन जोड़े।
इसके बाद हालांकि श्रीलंका के बल्लेबाज जिंबाब्वे की कसी हुई गेंदबाजी के आगे बेबस हो गए। यही कारण रहा कि छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं पार कर सके जबकि चमारा कापूदेगारा (12) और थिलन समरवीरा (16) जैसे दिग्गज भी सस्ते में धराशाई हो गए।
जिंबाब्वे की ओर से क्रिस मोफू, प्रॉस्पर उत्सेया और ग्रीम क्रेमर ने दो-दो सफलताएं अर्जित कीं जबकि हेमिल्टन मासाकाद्जा और रे प्राइस ने एक-एक विकेट झटका।
परिणाम के लिहाज से यह मैच महज औपचारिकता है क्योंकि दोनों ही टीमें फाइनल में पहुंच चुकी हैं। तीसरी टीम के तौर पर टीम इंडिया अपने तीन मैच गंवाने के बाद श्रृंखला से बाहर हो चुकी है।
ऐसे में इस मैच में मिली जीत नौ जून को होने वाले फाइनल के लिहाज से जीतने वाली टीम को मनोबल प्रदान करेगी। खिताबी मुकाबला आगामी बुधवार को इसी मैदान पर खेला जाना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।