31 साल पहले जब भारतीय कप्तान ने 62 गेंदों में लगाया शतक, पर वीडियो फुटेज उपलब्ध नहीं
नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर और कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन टीम इंडिया के सबसे अच्छे बल्लेबाजों में से एक है। अपने वनडे करियर के दौरान अजहरुद्दीन ने 30 अंतर्राष्ट्रीय शतक लगाने का काम किया था जिसके बारे में बात करते हुए अजहरुद्दीन ने कहा कि वह मुश्किल से 10-12 शतक से ज्यादा याद नहीं कर सकते हैं लेकिन उन्हें वह शतक याद है जिसमें उन्होंने 62 गेंद में 100 रन बना दिये थे।
और पढ़ें: IPL इतिहास की सबसे कामयाब टीम क्यों है चेन्नई सुपर किंग्स, शेन वाटसन ने बताया कारण
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन ने यह पारी आज से 31 साल पहले कीवी गेंदबाजों के खिलाफ ताबड़तोड़ पारी खेली थी जो कि उस वक्त वनडे क्रिकेट का सबसे तेज शतक था। हालांकि इस मैच का वीडियो फुटेज उपलब्ध नहीं है। इस मैच का सीधा प्रसारण दूरदर्शन किया गया था लेकिन बावजूद इसके लोग इस ऐतिहासिक पारी को देख पाने से महरूम हो गये।
और पढ़ें: विराट-धोनी नहीं बल्कि इन 6 खिलाड़ियों के सामने IPL में ब्रैड हॉग के छूट जाते थे पसीने

अजहरुद्दीन को याद आये चौके-छक्के
उल्लेखनीय है कि जब भारतीय टीम ने लक्ष्य का पीछा करना शुरू किया तो ट्रांसमिशन लिंक चला गया और दर्शक टीवी पर अजहर की इस बेहतरीन पारी को देखने से महरूम हो गए।
अजहर ने इस पारी को याद करते हुए कहा, 'यह मोती बाग पैलेस मैदान था। खुला मैदान और दर्शकों के लिए अच्छे इंतजाम। मुझे लगता है कि मैंने उस पारी में तीन या चार छक्के (तीन) लगाए थे, जिसमें से दो मैदान के बाहर गिरे थे और एक पेड़ पर लगा था। उस दिन ऐसा लग रहा था कि मैं कुछ भी गलत नहीं कर सकता और मुझे लगा ही नहीं कि मैंने 60 के करीब गेंद में शतक पूरा कर लिया था।'

भारतीय गेंदबाजों ने थोक के भाव दिये थे रन
इस मैच में भारतीय टीम के मुख्य गेंदबाज कपिल देव साथ नहीं थे जिसके चलते गेंदबाजों ने थोक के भाव रन दिये।। इसमें भारत के संजीव शर्मा, चेतन शर्मा और राशिद पटेल शामिल थे जिन्होंने अपने 10 ओवरों में काफी रन लुटाये थे। जहां संजीव शर्मा ने 10 ओवर में 74 रन दिए, वहीं राशिद पटेल ने 10 ओवर में 58 रन जबकि चेतन शर्मा ने 10 ओवर में 54 रन दिये थे।

अजहर ने बताया था कैसे जीते मैच
मोहम्मद अजहरुद्दीन ने बताया कि कैसे उस मैच में उन लोगों ने जीत दर्ज की। उन्होंने बताया कि भारत को भले ही उस दिन 279 रनों का पीछा करना था लेकिन यह किसी 340 रनों के लक्ष्य के जैसा ही था।
अजहर ने कहा, '279 रन के लक्ष्य का पीछा करना ऐसा था जैसे आज 340 रन का पीछा करने में होता है। अच्छी बात थी कि मैंने उस मैच में छठे नंबर पर बल्लेबाजी की थी। मुझे अभी याद नहीं कि मैं दिलीप भाई (वेंगसरकर) के या फिर संजय के आउट होने के बाद आया था। लेकिन अजय शर्मा ने मेरा अच्छा साथ निभाया क्योंकि हमने जल्द ही 100 से ज्यादा रन की साझेदारी बना ली थी।'
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
