फीफा विश्व कप : जर्मनी क्वार्टर फाइनल में, इंग्लैंड बाहर (राउंडअप)
मुलर के इन दो सफल प्रयासों से पहले जर्मनी की टीम ने इंग्लैंड पर 2-1 की बढ़त बना रखी थी लेकिन वह स्थिति उसके लिए खतरनाक साबित हो सकती थी क्योंकि इंग्लैंड की टीम ने कप्तान स्टीवन गेरार्ड, फ्रैंक लैंपार्ड और वायने रूनी के नेतृत्व में मध्यांतर के बाद उसके गोलपोस्ट पर लगातार हमले कर रही थी। ऐसे में मुलर के ही गोलों ने बड़ा फासला कायम करते हुए जर्मन टीम की जीत पक्की कर दी।
मुलर ने छठे मैच में खेलते हुए अपना तीसरा गोल किया। 21 वर्षीय मुलर को मैन ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने जर्मनी के लिए चौथा गोल 70वें मिनट में किया। इस गोल की मदद से जर्मनी ने 4-1 की बढ़त हासिल कर ली, जो उसकी जीत के लिए सुरक्षित अंतर साबित हुआ।
तीन मिनट पहले ही मुलर ने इंग्लैंड के गोलपोस्ट में गेंद को पहुंचाकर अपना खाता खोला था। 16 मीटर की दूरी से दौड़ते हुए उन्होंने अपने साथी बास्टियन श्वेनस्टेगर द्वारा मिले शानदार पास पर यह बेहतरीन गोल किया था।
मध्यांतर तक जर्मन टीम ने 2-1 की बढ़त बना रखी थी। 38वें मिनट में इंग्लैंड के खिलाड़ी लैंपार्ड ने अपने शानदार प्रयास के बूते गेंद को जर्मन गोलपोस्ट में डाल दिया था लेकिन रेफरी ने इसे गोल करार नहीं दिया। जर्मन गोलकीपर मैनुएल नुएर ने गेंद को गोलपोस्ट के भीतर टप्पा खाने के बाद अपने कब्जे में लिया था लेकिन सहायक रेफरी ने यह कहते हुए इसे गोल करार देने से इंकार कर दिया कि गेंद ने गोलपोस्ट के बीच में बनी रेखा को पार किया ही नहीं।
इस विवादास्पद फैसले से ठीक पहले इंग्लैंड ने अपना पहला गोल किया था। 37वें मिनट में किए गए इस गोल को करने में गेरार्ड ने मैट अपसोन की मदद से की थी। अपसोन का यह गोल जर्मन टीम द्वारा 32वें मिनट में किए गए उस गोल की जवाबी कार्रवाई था, जो फारवर्ड खिलाड़ी लुकास पोदोस्की ने किया था। पोदोस्की ने यह गोल मुलर के पास पर किया।
जर्मनी ने इससे ठीक 12 मिनट पहले अपना खाता खोला था। जर्मनी के लिए यह गोल फारवर्ड मिरोस्लाव क्लोज ने 20वें मिनट में किया। क्लोज ने इंग्लैंड के डिफेंडर अपसोन और गोलकीपर डेविड जेम्स को छकाते हुए अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। क्लोज लाल कार्ड दिखाए जाने के कारण जर्मनी के लिए अंतिम ग्रुप मुकाबले में नहीं खेल सके थे।
ग्रुप स्तर पर प्रदर्शन के लिहाज से इस विश्व कप में जर्मनी का पलड़ा पहले से ही भारी लग रहा था। उसने ग्रुप-डी में दो मैच जीते थे जबकि उसका एक मुकाबला बराबरी पर छूटा था। इंग्लैंड ने एक मैच जीते थे जबकि उसके दो मैच बराबरी पर छूटे थे। इंग्लैंड की टीम अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रही थी जबकि जर्मनी की टीम पहले स्थान पर थी।
दोनों टीमों के बीच विश्व कप में यह पांचवीं भिडंत थी। इससे पहले दोनों टीमों के बीच चार मुकाबले हो चुके हैं। 1966 में इंग्लैंड ने जर्मनी (पश्चिम जर्मनी) को ही 4-2 से हराकर अपना पहला खिताब जीता था। 1970 विश्व कप में जर्मनी और इंग्लैंड की भिड़ंत क्वार्टर फाइनल में हुई थी, जिसमें जर्मनी ने 3-2 से बाजी मार ली थी।
1982 विश्व कप के दूसरे दौर में दोनों टीमें एक बार फिर आमने-सामने थीं लेकिन यह मुकाबला गोलरहित बराबरी पर छूटा था। इसके बाद दोनों टीमों की आखिरी बार भिड़ंत 1990 में सेमीफाइनल में हुआ था, जिसमें जर्मनी ने 4-3 से बाजी मारी थी। निर्धारित और अतिरिक्त समय के बाद दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं। मैच का फैसला पेनाल्टी शूटआउट के माध्यम से हुआ था।
शनिवार को खेले गए अंतिम-16 दौर के पहले मुकाबले में उरुग्वे ने दक्षिण कोरिया और दूसरे मैच में घाना ने अमेरिका को हराकर अंतिम-8 दौर में जगह पक्की कर ली है। दोनों टीमों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को 2-1 के अंतर से पराजित किया। क्वोर्टर फाइनल में जर्मनी को सामना रविवार देर रात अर्जेटीना और मैक्सिको के बीच खेले जाने वाले मुकाबले की विजेता टीम से होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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