पारदर्शी है प्रसार भारती : लाली
दिव्या आर्य
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
राष्ट्रमंडल खेलों के प्रसारण अधिकार देने की प्रक्रिया पर सवाल
अक्तूबर में राजधानी दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के मेज़बान प्रसारक प्रसार भारती पर एक विदेशी कंपनी के साथ प्रसारण के करार में धांधली के आरोप लगे हैं.
हाल में मीडिया में आई रिपोर्टों में प्रसार भारती के ब्रिटेन की कंपनी एसआईएस लाइव के साथ किए 246 करोड़ रुपए के क़रार पर सवाल उठाए गए हैं.
सोमवार को प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीएस लाली ने एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया और इन आरोपों को खारिज किया.
दरअसल एसआईएस लाइव की राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़ी आमदनी पर भारत के आयकर विभाग की जांच चल रही है.
एसआईएसलाइव पर आरोप है कि कंपनी ने कर की चोरी की. और प्रसार भारती पर आरोप है कि जानबूझ कर इस चोरी की अनदेखी की गई.
लेकिन इसपर बीएस लाली ने कहा, "किसी भी करार में सर्विस टैक्स के बारे में लिखा ज़रूर होता है, लेकिन इससे हमारा कोई संबंध नहीं है, ये करदाता की ज़िम्मेदारी है और आयकर विभाग को ही इसे देखना होगा."
जांच के बावजूद भुगतान
प्रसार भारती पर ये आरोप भी लगाया गया है कि आयकर विभाग की जांच के बावजूद एसआईएसलाइव के करीब ढाई सौ करोड़ रुपए के करार का 60 फीसदी, कंपनी को पेशगी के तौर पर अदा कर दिया गया.
लेकिन बीएस लाली के मुताबिक राष्ट्रमंडल खेलों के शुरू होने से पहले की गई ये अदायिगी, पेशगी नहीं थी, बल्कि प्रसारण की तैयारी के लिए तब तक किए गए काम का भुगतान था.
लाली ने कहा, "करार के मुताबिक उनका 40 फीसदी भुगतान बाकी है. उसके अतिरिक्त 10 फीसदी परफॉरमेन्स गारंटी भी है. यानि अगर एसआईएस लाइव पर कर की चोरी का मामला तय होता भी है तो हमारे पास कई रास्ते खुले हैं."
लाली ने ये भी साफ किया कि कर चोरी की जांच के बावजूद आयकर विभाग ने अबतक प्रसार भारती से एसआईएस लाइव को किए जाने वाले किसी भी भुगतान पर रोक नहीं लगाई है.
इसके अलावा लाली ने एसआईएस लाइव के साथ किए गए करार पर दस्तख़त करने के बाद, यानि करार पक्का करने के बाद कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए करार को बदलने के आरोपों को भी गलत बताया.
रिपोर्ट में ये भी कहा गया था कि प्रसारण अधिकारों को देते समय एसआईएस लाइव को बाकी कंपनियों के मुकाबले तरजीह दी गई.
बाकी कंपनियों को सब-कॉन्ट्रैक्ट करने या इस योजना को पूरा करने के लिए दूसरी कंपनियों की मदद लेने की मांग रखने की वजह से करार नहीं दिया गया.
ये आरोप भी लगाया है कि करार जीतने वाली एसआईएस लाइव ने भी काम दूसरी कंपनियों को दिया.
इस विवाद को बेबुनियाद बताते हुए लाली ने कहा कि इस स्तर का काम पूरा करने के लिए कई ईकाईयों की मदद लेना ज़रूरी है और इस वजह से किसी कंपनी को प्रसारण अधिकार न देने की बात गलत है.
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
