नई दिल्ली, 21 सितम्बर (आईएएनएस)। भारतीय हॉकी टीम के मुख्य कोच जोस ब्रासा को सबसे अधिक चिंता इस बात को लेकर है कि राष्ट्रमंडल खेलों के लिए पुणे में अभ्यासरत उनके सभी 16 खिलाड़ी पूरी तरह फिट रहें। अभ्यास मैचों के दौरान डिफेंडरों के चोटिल होने की सबसे अधिक आशंका रहती है, ऐसे में ब्रासा ने इन खिलाड़ियों के लिए एक विशेष प्रकार का शिन-पैड तैयार करवाया है।
भारतीय टीम के एक वरिष्ठ खिलाड़ी ने आईएएनएस को बताया कि ब्रासा को इस बात की चिंता खाए जा रही है कि खेलों से पहले अगर उनका कोई खिलाड़ी चोटिल हो गया तो उनकी टीम को 15 खिलाड़ियों के साथ ही खेलना पड़ेगा। अपेक्षाओं का दबाव बहुत ज्यादा है, लिहाजा ब्रासा किसी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहते। यही कारण है कि वह उपकरणों को बेहतर बनाने के लिए तरह-तरह के प्रयोग कर रहे हैं।
नाम जाहिर नहीं होने देने की शर्त पर एक खिलाड़ी ने कहा, "अभ्यास मैचों के दौरान सबसे अधिक खतरा डिफेंडरों को पेनाल्टी कार्नर रोकते वक्त रहता है। गेंद के घुटने या पैर के अगले हिस्सा पर लगने की संभावना सबसे अधिक होती है। हड्डी में लगी चोट जल्दी ठीक नहीं होती, लिहाजा ब्रासा ने सामान्य शिन-पैड से अलग एक विशेष प्रकार का शिन-पैड तैयार करवाया है।"
"इसके लिए पुणे के बालेवडी खेल परिसर में मेडिकल सुविधा मुहैया कराने वाले संक्रीती अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञों की मदद ली गई है। इस शिन-पैड की डिजाइन खुद ब्रासा ने तैयार की है। इसे सुधारने के लिए अस्पताल के विशेषज्ञों की मदद ली गई है। यह बड़ा कारगर शिन-पैड है, जो विषम परिस्थितियों में भी खिलाड़ियों की रक्षा करता है।"
भारतीय टीम के कुछ प्रमुख खिलाड़ी डिफेंडर की भूमिका निभाते हैं। पूर्व कप्तान संदीप सिंह, विक्रम पिल्ले, तुषार खांडेकर और धनंजय महाडिक इनमें शामिल हैं। पेनाल्टी कार्नर रोकने में इन्हीं खिलाड़ियों की भूमिका होती है। ऐसे में इन्हीं खिलाड़ियों के चोटिल होने का सबसे अधिक खतरा रहता है।
ब्रासा को सबसे अधिक डर इस बात का है कि पेनाल्टी कार्नर रोकने में भूमिका निभाने वाले सभी खिलाड़ी उनकी टीम का प्रमुख हिस्सा हैं। उनके बगैर टीम की कल्पना नहीं की जा सकती। खासतौर पर राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तो बिल्कुल भी नहीं, जिसके लिए टीम चुनी जा चुकी है। इसी कारण ब्रासा इन सभी प्रमुख खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर चिंतित हैं।
ब्रासा ने डिफेंडरों के लिए एक विशेष प्रकार का हेलमेट भी तैयार करवाया है। पेनाल्टी कार्नर रोकते वक्त यह हेलमेट खिलाड़ियों के सिर और गर्दन की रक्षा करेगा। इस तरह के पांच हेलमेट तैयार कराए गए हैं। ब्रासा ने ही इसका डिजाइन तैयार किया है। ब्रासा ने गोलकीपर भरत चिकारा को भी यही हेलमेट पहनने की सलाह दी है।
एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए टीम में शामिल एकमात्र गोलकीपर भरत को एक अभ्यास मैच के दौरान टखने में चोट लग गई थी। अच्छी बात यह रही कि उनकी चोट गंभीर नहीं है। भरत को 10 दिनों तक आराम के लिए कहा गया है। इसके बाद वह पूरी तरह फिट हो जाएंगे। राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारतीय टीम के अन्य खिलाड़ी पूरी तरह फिट हैं और जोरदार अभ्यास में जुटे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।