मोदी का पलटवार, विश्वसनीय स्रोत मनगढ़न्त
नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के निलंबित कमिश्नर ललित मोदी ने बुधवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को भेजे एक ई-मेल में कहा है कि बीसीसीआई ने उनके खिलाफ आरोपों को न्यायोचित ठहराने के लिए मनगढ़न्त बातों का सहारा लिया।
बीसीसीआई के सचिव श्रीनिवासन के सोमवार के मेल के जवाब में मोदी ने कहा कि बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर की अन्य लोगों से हुई बात का कोई लिखित ब्योरा नहीं है। ऐसे में मोदी जानना चाहते हैं कि क्या बोर्ड इन बातों पर भरोसा करता है या उसका इरादा इनका इस्तेमाल मोदी के खिलाफ करने का है।
मोदी ने एक विश्वसनीय स्रोत से दी गई सूचना की सच्चाई पर भी सवाल उठाया और कहा कि बोर्ड विशेषाधिकार और गोपनीयता के बहाने उनके खिलाफ आरोपों को सही ठहराने के लिए मनगढ़न्त बातों का सहारा ले रहा है।
मोदी ने कहा, "आप लोग बीसीसीआई को मौखिक जानकारी देने वाले उस कथित विश्वसनीय स्रोत के नाम का खुलासा नहीं कर रहे। आप इसे इस आधार पर न्यायोचित ठहराना चाहते हैं कि उसकी मौखिक सूचना विशेषाधिकृत और गोपनीय है। इससे मेरी शंका की पुष्टि होती है कि कोई विश्वसनीय स्रोत नहीं है और यह केवल मनगढ़न्त है। विशेषाधिकार और गोपनीयता का दावा केवल इसे ढंकने के लिए किया जा रहा है।"
अपने जवाब में मोदी ने कहा कि दस्तावेजों के अलावा अन्य कोई भी सामग्री जांच का हिस्सा नहीं होनी चाहिए और वह बीसीसीआई सचिव से इसकी पुष्टि चाहते हैं।
मोदी ने कहा कि यदि उनके खिलाफ मौखिक बयान का उपयोग किया जाता है तो वह उस व्यक्ति का नाम जानना चाहते हैं जिसने उनके खिलाफ बोर्ड अध्यक्ष से शिकायत की।
मोदी ने कहा कि उनके ई-मेल से पुष्टि हुई कि बीसीसीआई अध्यक्ष को वरिष्ठ अधिकारियों, समिति सदस्यों और अन्य से बोर्ड और खेल की छवि बिगाड़ने की कथित मौखित शिकायतें प्राप्त हुईं। यदि आपका इरादा इनका उपयोग मेरे खिलाफ करने का है तो ऐसा कहने वालों के नाम और उनकी शिकायतें मुझे उपलब्ध कराईं जाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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