बीसीसीआई का आधिकारिक प्रायोजक बना रहेगा सहारा समूह (लीड-1)
वेबसाइट 'क्रिक इंफो डॉट कॉम' के मुताबिक सहारा समूह ने प्रति मैच 3.34 करोड़ रुपये (719,000 डॉलर) की बोली लगाकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के साथ करार का अधिकार हासिल कर लिया है।
देश की निजी दूरसंचार कंपनी-भारती एयरटेल ने प्रति मैच 2.89 करोड़ रुपये (628,260 डॉलर) की बोली लगाई थी। इस बोली के साथ भारती यह करार हासिल नहीं कर सकी, लिहाजा सहारा समूह अब 31 दिसंबर, 2013 तक भारतीय टीम के साथ जुड़ा रहेगा।
बीसीसीआई ने इस करार के लिए प्रति मैच आधार कीमत 2.5 करोड़ रुपये तय की थी। यह करार साढ़े तीन वर्ष के लिए होना था। इस दौड़ में सहारा और भारती ही शामिल थे। इसके लिए निविदा दाखिल करने की अंतिम तारीख 29 मई तय की गई थी।
अगले साढ़े तीन वर्षो के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम को 144 से 167 मैच खेलने हैं और इस आधार पर सहारा को इस करार के लिए बीसीसीआई को 481 से 558 करोड़ रुपये तक देने होंगे।
बीसीसीआई ने आधिकारिक प्रायोजक के लिए पिछले वर्ष निविदा आमंत्रित किए थे। इसके लिए उसने प्रति मैच तीन करोड़ रुपये की आधार कीमत तय की थी लेकिन वह इस कीमत पर किसी भी कंपनी को अपनी ओर आकर्षित नहीं कर सका था।
इसे देखते हुए सहारा समूह ने बीसीसीआई के साथ प्रायोजक संबंधी करार छह महीने के लिए आगे बढ़ा लिया था। इंडियन प्रीमियर लीग के लिए पुणे फ्रेंचाइजी टीम का मालिकाना हक हासिल करने के बाद सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय ने कहा था कि उनकी कंपनी अब भारतीय टीम के प्रायोजक से जुड़े अपने करार पर फिर से विचार करेगी।
शनिवार को जारी निविदा के लिए छह कंपनियों ने आवेदन पत्र खरीदे थे लेकिन सिर्फ दो कंपनियां-सहारा और भारती इसके लिए 50 करोड़ रुपये की आरक्षित राशि के साथ आगे आ सकीं। अंतत: इन्हीं दो कंपनियों के बीच प्रयोजक संबंधी दौड़ हुई, जिसमें सहारा ने बाजी मार ली।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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