गॉल टेस्ट : श्रीलंका 10 विकेट से जीता (लीड-6)
मैच के पांचवें दिन गुरुवार को श्रीलंका को जीत के लिए 95 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसे उसने बिना कोई विकेट गंवाए हासिल कर लिया। थरंगा पारानाविताना (नाबाद 23) और तिलकरत्ने दिलशान (नाबाद 68) अपनी टीम को जीत दिलाने के बाद ही पेवेलियन लौटे।
पारी की शुरुआत करने आए पारानाविताना ने 42 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके लगाए जबकि दिलशान ने अपनी 47 गेंदों की तूफानी पारी के दौरान छह चौके और एक छक्का लगाया।
इस जीत के साथ मेजबान टीम ने तीन मैचों की इस श्रृंखला में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। यह मैच श्रीलंका के स्टार स्पिनर मुथैया मुरलीधरन की विदाई और टेस्ट मैचो में उनके 800 विकेटों के मील के पत्थर के लिए हमेशा याद दिया जाएगा। इस मैच में जीत हासिल करके श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने मुरली को शानदार विदाई दी।
इससे पहले, भारतीय टीम की दूसरी पारी 338 रनों पर सिमट गई। फॉलोऑन खेल रही भारतीय टीम ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 95 रनों का लक्ष्य रखा। भारतीय टीम ने भोजनकाल तक आठ विकेट के नुकसान पर 292 रन बनाए थे।
भोजनकाल के बाद बल्लेबाजी के लिए उतरे दिग्गज बल्लेबाज वी.वी.एस. लक्ष्मण 127 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 69 रन बनाने के बाद रन आउट हो गए। भारत का यह विकेट 314 रन के कुल योग पर गिरा।
ईशांत शर्मा और प्रज्ञान ओझा ने हालांकि अंतिम विकेट के लिए 24 रन जोड़े। 338 रन के कुल योग पर मुरलीधरन द्वारा ओझा को आउट करने के साथ ही भारतीय पारी समाप्त हुई। मुरली ने इस विकेट के साथ 800 विकेटों का आंकड़ा छू लिया। इस मुकाम पर पहुंचने वाले वह एकमात्र गेंदबाज हैं।
ओझा 50 गेंदों पर एक चौके की मदद से 13 रन बनाने में सफल रहे। मुरली का 800वां शिकार बने ओझा का नाम भी क्रिकेट इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया क्योंकि जब भी मुरली की इस ऐतिहासिक सफलता का जिक्र होगा, तब ओझा का नाम जरूर लिया जाएगा। दूसरी छोर पर ईशांत शर्मा 106 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 31 रन बनाकर नाबाद रहे।
भारतीय टीम ने अपना आठवां विकेट 246 रन के कुल योग पर गंवाया था। आठवें विकेट के रूप में अभिमन्यु मिथुन आउट हुए। मिथुन ने अपनी संघर्षपूर्ण पारी के दौरान 59 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौकों की मदद से 25 रन बनाए। मिथुन ने लक्ष्मण के साथ आठवें विकेट के लिए 49 रन जोड़े।
पांचवें दिन हरभजन सिंह मुरली की गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। हरभजन सिर्फ आठ रन बना सके। पहली पारी में मुरली ने पांच विकेट चटकाए थे। पहली पारी में बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन के कारण फॉलोऑन खेल रही टीम इंडिया ने चौथे दिन का खेल खत्म होने तक पांच विकेट पर 181 रन बनाए थे।
आखिरी दिन भारतीय टीम को कप्तान धौनी और लक्ष्मण से लंबे समय तक मैदान पर डटे रहने की उम्मीद थी। परंतु जल्द ही मलिंगा ने धौनी को क्लीन बोल्ड कर इस उम्मीद पर पानी फेर दिया। धौनी सिर्फ चार रन ही बना सके। मलिंगा इस पारी में पांच विकेट लिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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