पोर्ट एलिजाबेथ। फीफा विश्वकप में उलटफेर जारी है। पांच बार चैम्पियन रह चुकी ब्राजील टूर्नामेन्ट से बाहर हो गई है। उसे शुक्रवार को हॉलैंड ने रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उसे 2-1 से पराजित कर बाहर का रास्ता दिखाया। मध्यांतर तक थो़डा दबा हुआ प्रदर्शन करने वाली हॉलैंड की टीम ने मध्यांतर के बाद खुलकर खेल दिखाया और इस विश्व कप का सबसे ब़डा उलटफेर करते हुए मैच अपने नाम करने में सफल रही।
हॉलैंड की टीम 24 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों में अजेय है। दूसरी ओर, वर्ष 2006 की तरह इस बार भी ब्राजील की टीम को क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना प़डा। लगातार तीन बार (2002, 1998, 1994) फाइनल में जगह बनाने के बाद ब्राजीली टीम लगातार दो मुकाबलों से विश्व कप के सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंच पा रही है।
बहरहाल, हॉलैंड की ओर से मैच का दूसरा गोल स्ट्राइकर वेस्ले श्नाइडर ने 68वें मिनट में किया। श्नाइडर ने यह गोल अर्जेन रोबेन द्वारा लिए गए कार्नर किक पर डिर्क क्यूत द्वारा दिए गए पास पर किया। श्नाइडर को मैन ऑफ द मैच चुना गया। इससे पहले 53वें मिनट में हॉलैंड ने बराबरी का गोल किया था। ब्राजील के लिए दुख की बात यह रही कि उसके खिलाफ उसी के खिल़ाडी फेलिपी मेलो ने यह गोल किया। उपहार में मिले इस गोल के बाद हॉलैंड के खेमे की खुशी देखने लायक थी। यह इस विश्व कप का तीसरा आत्मघाती गोल है।
यह गोल 53वें मिनट में हुआ। यह गोल हॉलैंड के स्ट्राइकर वेल्से श्नाइडर द्वारा लिए गए फ्रीकिक पर हुआ। जाहिर तौर पर मेलो अपनी टीम के खिलाफ गोल नहीं होने देना चाहते थे लेकिन बचाव की प्रक्रिया के दौरान गेंद उनके सिर के टकराकर गोलपोस्ट में घुस गई। मेलो का दुर्भाग्य यही नहीं खत्म हुआ। 73वें मिनट में रोबेन को डी एरिया में गलत तरीके से रोकने के कारण उन्हें लाल कार्ड दिखाया गया। इसके बाद ब्राजीली टीम को 10 खिलाÇ़डयों के साथ अपना संघर्ष जारी रखना प़डा। ब्राजील के लिए पहला गोल फारवर्ड खिल़ाडी रोबिन्हो ने 10वें मिनट में किया।
रोबिन्हो ने यह गोल फेलिप मेलो द्वारा दिए गए एक शानदार पास पर किया। रोबिन्हो ने विश्व कप में अपना दूसरा गोल किया। उन्होंने चिली के खिलाफ अंतिम-16 मुकाबले में भी एक गोल किया था। इससे ठीक पहले आठवें मिनट में स्पेन के क्लब बार्सिलोना के लिए खेलने वाले फारवर्ड खिल़ाडी डानी एल्विस ने गेंद को हॉलैंड के गोलपोस्ट में डाल दिया था लेकिन रेफरी ने उन्हें ऑफसाइड करार दिया था। वर्ष 1988 में यूरोपीयन चैम्पियनशिप के रूप में अपना अब तक का सबसे ब़डा खिताब जीतने वाली हॉलैंड की टीम और छठी बार खिताब जीतने के लिए उत्सुक दिख रही ब्राजीली की टीम अब तक के प्रदर्शन के लिहाज से बराबर दिख रही थी।
यही कारण है कि दोनौं टीमों ने अपनी प्रतिष्ठा के साथ पूरा न्याय किया और इसका नतीजा हुआ कि नेल्सन मंडेला स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों को एक बेहद रोमांचक मैच देखने को मिला। ब्राजील की टीम चिली को 3-0 से हराकर अंतिम-8 में पहुंची थी जबकि हालैंड ने स्लोवाकिया को 2-1 से पराजित कर इस दौर में पहुंचने का श्रेय हासिल किया था।
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इस मैच से पहले दोनों टीमें प्रतियोगिता में अभी तक अजेय रही थी। हॉलैंड ने जहां ग्रुप स्तर में अपने तीनों मैच जीते वहीं ब्राजील को पुर्तगाल के खिलाफ ड्रॉ खेलना प़डा था। ब्राजील ने अपने पहले मैच में उत्तर कोरिया को 2-1 से हराया था जबकि दूसरे मैच में उसने आइवरी कोस्ट को 3-1 के अंतर से पराजित किया था। दूसरी ओर, हालैंड ने अपने पहले मैच में डेनमार्क को 2-0 से पराजित किया था। दूसरे मैच में वह जापान पर 1-0 से जीत हासिल करने में सफल रहा था। तीसरे मैच में उसने कैमरून को 2-1 से हराया था।