मैच फिक्सिंग विवाद : 'अगर मेरी सिफारिशों पर अमल होता..'
उल्लेखनीय है कि पीसीबी ने वर्ष 1998 में मैच फिक्सिंग विवाद के सामने आने के बाद कय्यूम के नेतृत्व में एक आयोग का गठन किया था। कय्यूम ने अपनी रिपोर्ट में कई सिफारिशें की थीं। मसलन, खिलाड़ियों की पूरी संपत्ति की जांच की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। इस रिपोर्ट के आने के बाद महज दो खिलाड़ियों सलीम मलिक और अताउर्रहमान पर पाबंदी लगाई थी। उस दौरान वसीम अकरम सरीखे खिलाड़ियों का नाम भी इस विवाद में उछला था।
फिक्सिंग के ताजा मामले पर भारत के एक निजी टेलीविजन चैनल से बातचीत में कय्यूम ने कहा, "अगर उस दौरान मेरी रिपोर्ट पर सही ढंग से अमल कर लिया गया होता तो संभव है कि आज यह दिन नहीं देखने को मिलता। यह बात दुरुस्त है कि पीसीबी ने उस पर पूरी कार्रवाई नहीं की।"
पाकिस्तान के तीनों आरोपी खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा निलंबित किए जाने को कय्यूम ने अनुचित करार दिया। उन्होंने कहा, "आईसीसी का फैसला एकतरफा लगता है। पहले जांच पूरी होने देनी चाहिए थी। इसके बाद कोई कदम उठाया जाता।"
गौरतलब है कि मैच फिक्सिंग के ताजा विवाद में पाकिस्तानी टीम के कप्तान सलमान बट्ट, तेज गेंदबाज मोहम्मद आमेर और मोहम्मद आसिफ के नाम सामने आए हैं। इन्हें टीम से बाहर कर दिया गया है। इनके खिलाफ जांच चल रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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