एशियाड 2010 : आडवाणी की स्वर्णिम सफलता से परिजन और कोच खुश
आडवाणी ने रविवार को 16वें एशियाई खेलों की इंग्लिश बिलियर्डस एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।
25 वर्षीय आडवाणी के लिए विशेष तौर पर स्वर्ण पदक जीतना संतोषजनक है क्योंकि इस वर्ष वह विश्व बिलियर्ड्स खिताब के साथ-साथ राष्ट्रीय चैंपियन का ताज भी गंवा चुके हैं।
आडवाणी के बड़े भाई व खेल मनोवैज्ञानिक श्री आडवाणी के अनुसार, फाइनल में म्यांमार के खिलाड़ी वू ने थ्यू पर 3-2 से जीत दर्ज करना इस वर्ष विशेष महत्व रखता है और यह निराशा में आशा की किरण है।
श्री ने आईएएनएस को बताया, "पंकज से लोगों की उम्मीदें ज्यादा है। दूसरे स्थान पर मुकाबले को खत्म करना बुरा दौर और खराब प्रदर्शन माना जाता है। लेकिन सच्चाई तो यही है कि 25 वर्षीय यह खिलाड़ी अभी भी एशियन चैंपियन है और एक स्नूकर को मिलाकर कुल सात विश्व खिताब जीत चुका है।"
पंकज के बड़े भाई ने कहा," निश्चत रूप से पंकज जैसे उच्च दर्जे के खिलाड़ी के लिए 2010 अच्छा नहीं रहा और वह एशियाई खेलों के लिए जब जा रहे थे उस समय लय में नहीं थे। उन्होंने स्वयं इसे उत्पन्न किया। वह स्वर्ण पदक के लायक थे हालांकि आज वह स्पष्ट रूप से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं दे सके।"
आडवाणी 2006 में दोहा एशियाई खेलों में बिलियर्ड्स मुकाबले के एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।
आडवाणी ने स्वर्ण पदक जीतने के बाद अपनी मम्मी काजल और भाई श्री आडवाणी से बात की। उन्होंने बताया कि उनके ऊपर भारत के लिए 16वें एशियाई खेलों में पहला स्वर्ण दिलाने का काफी दबाव था।
बेंगलुरू स्थित आडवाणी के सलाहकार व पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन अरविंद सावर ने खुशी जताते हुए आईएएनएस से कहा, "मैं आज चांद पर हूं। हलांकि वह अपना बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सके लेकिन यह बहुत अच्छा हुआ कि वह स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब रहे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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