फीफा विश्व कप : हॉलैंड का विजय रथ रोकने में सक्षम है उरुग्वे
हॉलैंड को कई लिहाज से उरुग्वे से सावधान रहना होगा क्योंकि विश्व कप के शुरुआती संस्करणों में अपनी चमक बिखेरने के बाद गुमनामी के अंधेरे में खोई यह टीम एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में दिख रही है। ऐसे में हॉलैंड का सफर समाप्त करके वह 11 जुलाई को जोहांसबर्ग में होने वाले खिताबी मुकाबले के लिए अपनी सीट आरक्षित करा सकती है।
यह विडंबना ही है कि फुटबाल जगत की महाशक्ति मानी जाने वाली हॉलैंड की टीम ने अब तक एक बार भी विश्व कप नहीं जीता है। वह दो बार उपविजेता रही है। इस बार उसने ब्राजील को हराकर सेमीफाइनल में खेलने का श्रेय हासिल किया है और ब्राजील के खिलाफ उसके प्रदर्शन को देखते हुए उसके खिताब जीतने को लेकर कोई शक नहीं रह जाता है।
अर्जेन रोबेन, वेस्ले श्नाइडर और रोबिन वान पर्सी जैसे दिग्गजों से लैस यह टीम अपनी खास आक्रमण शैली के लिए मशहूर है। वैसे हॉलैंड को इस बात की चिंता होगी कि उसके दो प्रमुख खिलाड़ी सेमीफाइनल में नहीं खेल सकेंगे।
राइट बैक ग्रेगरी वान वेइल और डिफेंसिव मिडफील्डर निगेल दे जोंग को ब्राजील के खिलाफ दो-दो बार पीला कार्ड दिखाए जाने के बाद एक मैच का प्रतिबंध झेलना पड़ रहा है।
उरुग्वे को इस बात की खुशी होगी लेकिन हॉलैंड को कोच बर्ट वान मारविज्क ने इससे निपटने के लिए रणनीति बना ली होगी। वह इस बात को लेकर ज्यादा उत्साहित हैं कि चारों ओर इस बात की चर्चा है कि इस बार उनकी टीम में खिताब जीतने का माद्दा है।
दोनों टीमों के अब तक के प्रदर्शन पर नजर डालने पर हॉलैंड का पलड़ा भारी नजर आता है। हॉलैंड ने जहां ग्रुप स्तर पर अपने तीनों मैच जीते हैं वहीं उरुग्वे ने पूर्व चैम्पियन फ्रांस को बराबरी पर रोकने के बाद दक्षिण अफ्रीका और मेक्सिको को पराजित किया था।
दूसरे दौर में उरुग्वे ने दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराया था जबकि अंतिम चार दौर में जगह बनाने के लिए उसने अफ्रीकी महाशक्ति घाना को पेनाल्टी शूटआउट के बाद 4-2 से पराजित किया था। अतिरिक्त समय की समाप्ति तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं।
हॉलैंड ने अपने अंतिम-16 मैच में स्लोवाकिया को 2-1 से हराया था जबकि क्वार्टर फाइनल में उसने ब्राजील पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। हॉलैंड ने वह मैच 2-1 से जीता था। हॉलैंड के लिए दोनों गोल श्नाइडर ने किया था।
उरुग्वे की टीम 11वीं बार विश्व कप में हिस्सा ले रही है। उसने 1930 में फीफा विश्व कप के पहले संस्करण का खिताब जीता था। फाइनल में उसने अर्जेटीना को 4-2 से पराजित किया था।
उरुग्वे की टीम 40 साल के अंतराल के बाद सेमीफाइनल में पहुंची है। उसने 1970 में मेक्सिको में चौथा स्थान हासिल किया था लेकिन तब से लेकर आज तक वह कभी भी अंतिम-16 दौर से आगे नहीं बढ़ सकी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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