Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block

बल्लेबाजी का मूलभूत सिद्धांत भी भूले धौनी के धुरंधर

नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। दाम्बुला में न्यूजीलैंड के हाथों करारी हार के बाद धौनी के धुरंधरों की किरकिरी हो गई है। एक ऐसे मैच में जहां सिर्फ विकेट पर टिके रहने की जरूरत थी, भारतीय खिलाड़ी बल्लेबाजी का मूलभूत सिद्धांत भी याद नहीं रख पाए।

श्रीलंका के साथ खेली गई टेस्ट श्रृंखला का आखिरी मैच पांच विकेट से जीतकर भारतीय टीम ने गॉल में मिली शर्मनाक हार के बाद हुई 'बेइज्जती' को काफी हद तक धो दिया था लेकिन अब एक बार फिर उनके 'सर्वश्रेष्ठ' होने पर सवाल खड़े किए जाने लगे हैं।

मैच शुरू होने से पहले न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर डैनी मॉरिसन ने कहा था कि पिच पर चूंकि घास है और वह भी हरी है, बल्लेबाजों को ऊंचे कद वाले तेज गेंदबाजों को मिलने वाली उछाल से सावधान रहना होगा।

मॉरिसन बहुत बड़े क्रिकेटर नहीं हैं लेकिन उन्हें क्रिकेट की अच्छी समझ है। अपनी समझ के माध्यम से मॉरिसन ने दोनों टीमों को एक संकेत दिया था, जिसे उनके देश के खिलाड़ी तो समझ गए लेकिन धौनी के साथी उसे शायद सुन नहीं सके या फिर अनसुना कर दिया।

उछालयुक्त होने के कारण इस पिच पर बड़ा स्कोर खड़ा करना नामुमकिन था। कीवी टीम ने कप्तान रॉस टेलर और स्कॉट स्टायरिश की शानदार बल्लेबाजी के बूते ऐसा स्कोर खड़ा किया, जिसे पार पाना मुश्किल था लेकिन नामुमकिन नहीं।

टेलर और स्टायरिश ने बल्लेबाजी के मूलभूत सिद्धांत पर टिके रहकर अपनी टीम को मजबूती प्रदान की थी। यह सिद्धांत ' क्रिकेट के ककहरे' की तरह है। इसमें बल्लेबाज को समझाया जाता है कि पिच जब तेज गेंदबाज को मदद कर रही हो तब अपना विकेट बचाते हुए कमजोर गेंद का इंतजार करना चाहिए।

भारतीय बल्लेबाज भूल गए कि कीवी टीम में कोई 'ग्लेन मैक्ग्राथ' या 'वसीम अकरम' नहीं जो ओवर की पांच गेंदें सटीक फेंकें, ऐसे में उन्हें सिर्फ विकेट पर टिके रहने की जरूरत थी, रन अपने आप बनते चले जाते।

दिनेश कार्तिक के विकेट को छोड़ दिया जाए तो बाकी के सभी बल्लेबाजों ने हालात के आगे घुटने टेकते हुए अपने विकेट गंवाए। इसीलिए शायद कहा जाता है कि ऐसी विकेट पर राहुल द्रविड़, वी.वी.एस. लक्ष्मण और सचिन तेंदुलकर जैसे 'किताबी' बल्लेबाज ज्यादा सफल होते हैं।

इस सबके बीच इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि डरेल टफी के नेतृत्व में कीवी टीम के सभी गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और अपनी टीम को बड़ी जीत दिलाई लेकिन उनकी जीत में भारतीय बल्लेबाजों की खराब बल्लेबाजी का ज्यादा अहम योगदान रहा।

इसीलिए कहा गया है कि एक बल्लेबाज की सफलता उसके खेल के मूलभूत सिद्धांत से जुड़े रहने पर है। ट्वेंटी-20 क्रिकेट की लोकप्रियता ने बड़ी संख्या में बल्लेबाजों को इस सिद्धांत से दूर किया है।

ऐसे में एकदिवसीय क्रिकेट को इससे नुकसान हुआ है और पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के संदर्भ में देखा जाए तो काफी हद तक टेस्ट क्रिकेट को भी इससे नुकसान हो रहा है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

**

Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:42 [IST]
Other articles published on Nov 14, 2017
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+