Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block

बीसीसीआई पर बरसे गिल और मैरीकॉम, युवराज ने किया बचाव

भारतीय क्रिकेट टीम के वरिष्ठ सदस्य युवराज सिंह ने हालांकि बीसीसीआई के इस फैसले का बचाव किया है। विश्व डोपिंग निरोधी संस्था (वाडा) के 'ठिकाना बताओ नियम' का सबसे पुरजोर तरीके से विरोध करने वाले युवराज ने बुधवार को कहा कि क्रिकेटर इन दिनों पहले ही बहुत व्यस्त हैं और इस लिहाज से बीसीसीआई ने सही फैसला किया है।

युवराज और सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग बुधवार को फिटनेस कार्यक्रम के लिए बेंगलुरू स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी पहुंचे। युवराज ने दूसरे दर्जे की टीम चीन भेजने को लेकर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया जबकि सहवाग ने इस मुद्दे पर चुप रहना बेहतर समझा।

इधर, गिल ने नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि बीसीसीआई को ऐसा नहीं करना चाहिए था क्योंकि यह देश की प्रतिष्ठा से जुड़ा मामला है। गिल ने यह भी कहा कि यह पूरी तरह बीसीसीआई के अधिकार क्षेत्र का मामला है और इस संबंध में उस पर किसी प्रकार का दबाव नहीं डाला जा सकता।

गिल ने कहा, "ये फैसले सही नहीं है लेकिन इसे लेकर हम कुछ नहीं कर सकते। यह बीसीसीआई के अधिकार क्षेत्र की बात है। हम बीसीसीआई से इस संबंध में बात कर सकते हैं लेकिन किसी प्रकार का दवाब नहीं बना सकते।"

गिल ने साथ ही यह भी कहा कि उनकी नजर में क्रिकेट जैसे खेल को एशियाई खेलों का हिस्सा होना ही नहीं चाहिए। गिल ने कहा, "मेरी व्यक्तिगत राय यही है कि क्रिकेट को एशियाई खेलों में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। वैसे भी हमारे क्रिकेट खिलाड़ी काफी व्यस्त हैं और थके हुए हैं। इसका असर उनके प्रदर्शन और फिटनेस पर दिख रहा है।"

मुक्केबाजी में देश का नाम रोशन करने वाली मैरीकॉम ने बीसीसीआई पर सबसे तीखा प्रहार किया है। एक समाचार चैनल के साथ बातचीत के दौरान मेरीकॉम ने कहा कि बीसीसीआई सिर्फ उसी आयोजन में रुचि लेता है, जिसके साथ पैसा जुड़ा हो, पदक नहीं।

बकौल मैरीकॉम, "देश के लिए खेलने का एशियाई खेलों से बढ़िया मौका नहीं मिल सकता। हमारे क्रिकेटर आईपीएल जैसे आयोजनों से काफी धन कमाते हैं लेकिन वे देश के बारे में नहीं सोचते। मेरे लिए पदक अहम है। मैं पैसा नहीं कमा पाती लेकिन मुझे इसका कभी अफसोस नहीं रहा क्योंकि मैं देश के सम्मान के लिए अपना योगदान देती हूं।"

उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई ने मंगलवार को कहा था कि वह इस वर्ष चीन के शहर गुआंगझोउ में होने वाले एशियाई खेलों के लिए अपनी टीमें नहीं भेजेगा। बीसीसीआई के मुताबिक उसकी पुरुष टीम को नवंबर में न्यूजीलैंड की मेजबानी करनी है।

सबसे खास बात यह है कि एशिया महाद्वीप के चार टेस्ट खेलने वाले देशों-भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश द्वारा अपनी-अपनी श्रेष्ठ टीमों को खेलने के लिए भेजने के वादे के बाद ही एशियाई ओलंपिक संघ ने इन खेलों में क्रिकेट को शामिल किया है।

ऐसे में जबकि भारत ने अपनी टीम एशियाई खेलों के लिए भेजने से मना कर दिया है, बहुत कम उम्मीद है कि श्रीलंका और पाकिस्तान अपनी टीमें चीन भेंजे क्योंकि इस दौरान इन दोनों टीमों का कार्यक्रम भी काफी व्यस्त है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:37 [IST]
Other articles published on Nov 14, 2017
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+