खेल रोके जाने तक श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 68 ओवरों में दो विकेट खोकर 256 रन बना लिए थे। सलामी बल्लेबाज थरंगा पारानाविताना 229 गेंदों पर 12 चौकों की सहायता से 110 और पूर्व कप्तान माहेला जयवर्धने आठ रन बनाकर नाबाद थे।
पारानाविताना ने अपने करियर का पहला शतक लगाया। इसके लिए उन्होंने 201 गेंदों का सामना किया। इससे पहले कप्तान कुमार संगकारा ने अपने करियर का 22वां शतक लगाकर टीम को मजबूती प्रदान की। संगकारा 103 रन बनाकर आउट हुए।
मेजबान टीम ने भोजनकाल तक एक विकेट के नुकसान पर 91 रन बनाए थे। उस समय तक मेजबान टीम ने सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान का विकेट गंवाया था। दिलशान 24 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 25 रन बनाकर अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे अभिमन्यु मिथुन की गेंद पर विकेट के पीछे महेंद्र सिंह धौनी के हाथों लपके गए।
दिलशान का विकेट 55 रन के कुल योग पर गिरा। इसके बाद पारी की शुरुआत करने आए पारानाविताना और संगकारा ने 236 रनों के कुल योग तक टीम को कोई और नुकसान नहीं होने दिया।
मैदान गीला होने के कारण मैच करीब एक घंटे विलंब से शुरू हुआ। श्रीलंकाई स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के करियर का यह आखिरी टेस्ट मैच है। मुरली ने टेस्ट मैचों में सर्वाधिक 792 विकेट लिए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।