ICC meeting: टेस्ट मैचों में खत्म नही होगी टॉस की प्रथा, कुंबले पैनल ने दिए कई सुझाव
नई दिल्ली। पिछले कुछ समय से लगाए जा रहे कयासों को विराम देते हुए आईसीसी ने मंगलवार को स्पष्ट किया है कि टेस्ट क्रिकेट में टॉस उछालने की प्रथा जारी रहेगी और इसे फिलहाल खत्म नहीं जााएगा। मंगलवार को हुई ICC की क्रिकेट समिति की बैठक में टॉस को टेस्ट से ना हटाने का फैसला लिया गया है। समिति का मानना है कि टॉस क्रिकेट का एक अहम हिस्सा है, इसलिए नहीं हटाया जाएगा। पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले की अगुवाई में समिति ने खिलाड़ियों के व्यवहार के संबंध में भी सिफारिशें की और विश्व क्रिकेट संचालन संस्था से कड़े कदम उठाने और खिलाड़ियों और प्रतिस्पर्धी टीम के बीच 'सम्मान की संस्कृति' को बरकरार रखने की वकालत की।
आपको बता दें कि पिछले कुछ समय ये खबरें आईं थी कि टेस्ट क्रिकेट से टॉस खत्म कर दिया जाए और उसकी जगह दौरा करने वाली टीम को बैटिंग या फील्डिंग चुनने का अधिकार मिले ताकि घरेलू परिस्थितियों का फायदा होम टीम को ज्यादा न मिल सके। लेकिन अब टॉस को लेकर फैसला ले लिया गया है। आईसीसी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि समिति ने चर्चा की कि क्या टॉस का अधिकार सिर्फ दौरा करने वाली टीम के सुपुर्द कर दिया जाए, लेकिन बाद में महसूस किया गया कि यह टेस्ट क्रिकेट का अभिन्न हिस्सा है जो खेल की शुरुआत में मैच की भूमिका तय करता है।
आचार संहिता को लेकर पैनल ने दिए ये सुझाव -
- गेंद से छेड़छाड़ से जुड़े प्रतिबंध को बढ़ाना।
- अपमानजनक, व्यक्तिगत और आक्रामक अपशब्दों के लिये नए उल्लंघन बनाना।
- अनुचित फायदा उठाने का प्रयास करने के लिये नये अपराध को शामिल करने पर विचार करना।
- सम्मान संहिता बनाना।
- मैच रैफरी को किसी अपराध या उल्लंघन के स्तर को बढ़ाने या घटाने का अधिकार देना।
इसके अलावा कमेटी ने प्वाइंट सिस्टम में भी बदलाव करने का सुझाव दिया। कमेटी के मुताबिक प्वाइंट हर मैच के बाद दिए जाने चाहिए नाकि सीरीज खत्म होने के बाद। आपको बता दें कि इस समिति में अनिल कुंबले के अलावा माइक गेटिंग, महेला जयवर्धने, माइकल हेसन और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज और मैच रैफरी डेविड बून भी शामिल हैं।
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