फीफा विश्व कप : सबसे अधिक अमेरिका के प्रशंसक
अमेरिकी टीम के लिए 30.7 करोड़ लोग ईश्वर से खिताबी जीत की दुआ करने के साथ-साथ अपने खिलाड़ियों की हौसलाअफजाई करेंगे। इस क्रम में दूसरा सबसा बड़ा देश ब्राजील है, जिसके लिए 19.8 करोड़ लोग दुआ करेंगे।
विश्व कप में शिरकत करने वाले देशों में सबसे कम जनसंख्या स्लोवानिया की है। यह यूरोपीय देश पहली बार विश्व कप में हिस्सा ले रहा है और इसके लिए 20 लाख लोग जीत की दुआ करेंगे।
ब्राजील एकमात्र ऐसा देश है, जिसने विश्व कप के सभी 18 संस्करणों में हिस्सा लिया है। जर्मनी और इटली की टीमों ने 16-16 संस्करणों में शिरकत किया है। ब्राजील और जर्मनी ने सर्वाधिक 92-92 मैच खेले हैं। ब्राजील ने इनमें से 64 में जीत हासिल की है।
यही कारण है कि ब्राजील की टीम ने अब तक पांच बार इस महाआयोजन में खिताबी जीत हासिल की है। उसके नाम 18 संस्करणों में सर्वाधिक 201 गोल करने का रिकार्ड है। यही नहीं, उसने सबसे अधिक 206 अंक भी बटोरे हैं।
विश्व कप में सबसे तेज गोल करने का रिकार्ड तुर्की के खिलाड़ी हाकन सुकर के नाम है। सुकर ने 2002 में दक्षिण कोरिया के खिलाफ खेले गए तीसरे स्थान के प्ले-ऑफ मुकाबले में मात्र 11 सेकेंड में गोल ठोक दिया था। तुर्की ने यह मैच 3-2 से जीता था।
मेजबान के तौर पर विश्व कप के उद्घाटन मैचों में सबसे बड़ी जीत हासिल करने का रिकार्ड इटली के नाम है। इटली ने 1934 में अपने घर में खेले गए विश्व कप के पहले मुकाबले में अमेरिका को 7-1 से पराजित किया था।
मध्य अमेरिकी देश मेक्सिको को अब तक सर्वाधिक पांच बार विश्व कप का उद्घाटन मैच खेलने के लिए चुना गया है। इस बार भी मेक्सिको को पहला मैच खेलना है। उसकी भिड़ंत 11 जून को जोहांसबर्ग के सॉकर सिटी स्टेडियम में मेजबान दक्षिण अफ्रीका के साथ होना है।
फीफा विश्व कप-2010 में स्लोवानिया ही एकमात्र ऐसा देश है, जो पहली बार विश्व कप खेल रहा है। इससे पहले 1950 में इंग्लैंड ने पहली बार विश्व कप में हिस्सा लेने वाले देश की हैसियत से शिरकत की थी। बाकी के सभी संस्करणों में कम से कम दो देशों ने इस हैसियत से हिस्सा लिया था।
विश्व कप के उद्घाटन मैचों में हिस्सा लेने वाली मेजबान टीमों को अब तक एक बार भी हार नहीं मिली है। अब तक ऐसे सात वाकये हुए हैं लेकिन मेजबान अपनी साख बचाने में सफल रहे हैं।
इटली 1934, स्वीडन 1958, चिली 1962 और जर्मनी ने 2006 में अपने पहले मैच में जीत हासिल की थी। दो मैच ऐसे भी हुए हैं, जिनमें मेजबान देश को ड्रॉ से संतोष करना पड़ा है। 1966 में इंग्लैंड को उरुग्वे के खिलाफ और 1970 में मेक्सिको को सोवियत संघ के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ खेलना पड़ा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications