बीबीसी संवाददाता एलक्स कैपस्टिक के अनुसार फ़ुटबॉल के वित्तीय मामलों के बारे में विश्व में जानी-मानी कंपनी डेलोयट ने ये जानकारी दी है और उसकी रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान वित्तीय समस्याओं के बीच भी फ़ुटबॉल ने अपनी लोकप्रियता दिखाई है.
ग़ौरतलब है कि यूरोप में ग्रीस के बाद आयरलैंड की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने वित्तीय मदद दी है, जबकि इटली और स्पेन की हालत भी नाज़ुक बताई जा रही है.विश्व के सबसे अमीर 20 क्लबों को लगभग 5.5 अरब डॉलर का फ़ायदा हुआ है. यह पिछले साल के आंकड़ों के मुकाबले में लगभग आठ प्रतिशत की वृद्धि है.
डेलोयट 1990 के दशक के मध्य से हर साल बड़े क्लबों के मुनाफ़े के आंकड़े जारी करता आया है.दिलचस्प है कि ख़ासी कमाई करने वाले क्लबों की सूची में पहली छह जगहों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. लगातार छठी बार रियाल मैड्रिड पहले स्थान पर है और दूसरे स्थान पर है स्पेन का बार्सीलोना क्लब.
रियाल मेड्रिड का पिछले साल फ़ुटबॉल में प्रदर्शन भले ही कुछ ख़ास न रहा हो लेकिन उसका मुनाफ़ा 60 करोड़ डॉलर हो गया है.इंग्लैंड का मैनचेस्टर यूनाइटिड क्लब तीसरे स्थान पर है.ये आंकड़े जुटाने वाली कंपनी डेलोयट के अनुसार क्लबों की आर्थिक स्थिति इसलिए अच्छी रही है क्योंकि उनके समर्थकों की संख्या और उनकी अपने-अपने क्लब के प्रति निष्ठा ख़ासी है. इसी के साथ उन्हें ब्रॉडकास्ट समझौतों और कॉरपोरेट स्पॉसरों से ख़ासी राशि मिलती है.