दिग्गज बल्लेबाज वी.वी.एस. लक्ष्मण 117 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 58 रन बनाकर नाबाद हैं जबकि ईशांत शर्मा ने 39 गेंदों पर तीन चौकों की सहायता से 18 रन बनाए हैं। लक्ष्मण मैच के चौथे दिन का खेल खत्म होने तक नौ रन बनाकर नाबाद लौटे थे।
भारतीय टीम बेशक पारी की हार बचाने में सफल रही लेकिन हार का खतरा अब भी उसके सामने है। भारतीय टीम ने अपना आठवां विकेट 246 रन के कुल योग पर गंवाया। आठवें विकेट के रूप में अभिमन्यु मिथुन आउट हुए। मिथुन ने अपनी संघर्षपूर्ण पारी के दौरान 59 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौकों की मदद से 25 रन बनाए। मिथुन ने लक्ष्मण के साथ आठवें विकेट के लिए 49 रन जोड़े।
इस मैच में सबकी निगाहे मुरलीधरन पर भी हैं जो अपना आखिरी टेस्ट मैच खेल रहे हैं। चौथे दिन युवराज सिंह को अपनी फिरकी में फंसाने वाले मुरली अब 800 के आंकड़े से महज एक विकेट दूर हैं। युवराज का विकेट मुरली के खाते में 798वें शिकार के रूप में जुड़ा था। पांचवें दिन हरभजन सिंह मुरली की गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। हरभजन सिर्फ आठ रन बना सके। पहली पारी में मुरली ने पांच विकेट चटकाए थे। मुरली अब तक 799 विकेट ले चुके हैं।
पहली पारी में बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन के कारण फॉलोऑन खेल रही टीम इंडिया ने चौथे दिन का खेल खत्म होने तक पांच विकेट पर 181 रन बनाए थे। आखिरी दिन भारतीय टीम को कप्तान धौनी और लक्ष्मण से लंबे समय तक मैदान पर डटे रहने की उम्मीद थी। परंतु जल्द ही मलिंगा ने धौनी को क्लीन बोल्ड कर इस उम्मीद पर पानी फेर दिया। धौनी सिर्फ चार रन ही बना सके। मलिंगा इस पारी में अब तक पांच विकेट ले चुके हैं।
इससे पहले श्रीलंकाई गेंदबाजों ने मुरलीधरन के नेतृत्व में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को फॉलोऑन को मजबूर किया था। श्रीलंका की पहली पारी के स्कोर आठ विकेट पर 520 (घोषित) के जवाब में भारतीय टीम पहली पारी में 276 रन ही बना सकी। पहली पारी में मुरलीधरन ने सर्वाधिक पांच विकेट लिए जबकि मलिंगा को दो तथा चमारा वेलेगेदारा तथा रंगना हेराथ को एक-एक सफलता मिली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।