केपटाउन। विश्व कप से पहले अर्जेंटीना टीम की तारीफों के पुलिंदे बांधने वाले डिएगो माराडोना ने क्वार्टरफाइनल में जर्मनी से मिली 4-0 की करारी शिकस्त के बाद इस्तीफे के संकेत दिए हैं। अर्जेंटीना की सबसे बड़ी हार के बाद अब माराडोना के सबसे प्रिय खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी भी मुंह छिपाते फिर रहे हैं।
फीफा 2010 शुरू होने के ठीक एक दिन पहले माराडोना ने कहा था कि यह विश्व कप उनके स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी का होगा। उनकी सभी बातें शनिवार को मात्र डींगे साबित हुईं, जो वो लगातार हांक रहे थे। उनके प्रिय खिलाड़ी मेस्सी व उनके साथ विश्व कप के सबसे अहम मुकाबले में एक भी गोल नहीं कर सके।
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जाहिर है यह हार माराडोना को अगले कई महीनों तक सताती रहेगी। मैच के बाद जब मीडिया ने उन पर सवालों की बौछार की तो उन्होंने सबसे पहले कहा, "मुझे पहले अपने परिवार व खिलाड़ियों से चर्चा करनी है।"
इसी बीच वो अपने इस्तीफे के संकेत भी दे बैठे। उन्होंने कहा, "अगले 30 अक्टूबर को मैं 50 साल का हो जाऊंगा। मैं इतने अच्छे खिलाड़ियों और लोगों के बीच हूं। यह कठिन समय है मेरे लिए। यह मुहम्मद अली के नॉक आउट पंच जैसा है। अब मेरे पास कुछ भी करने की शक्ति नहीं है। हमने यह उम्मीद नहीं की थी।"
खैर जो भी हो माराडोना ने टूर्नामेंट से पहले अपनी टीम की जरूरत से ज्यादा तारीफ कर अपनी ही किरकिरी करवा ली है। लेकिन ऐसे समय में उनके स्टार खिलाड़ी मेस्सी कहां हैं, किसी को नहीं पता। खेल के बाद मीडिया ने उन्हें भी घेरने के प्रयास किए लेकिन वो मुंह छिपाते हुए ड्रेसिंग रूम की तरफ बढ़ गए। खास बात यह है कि अर्जेंटीना के स्टार खिलाड़ी व फुटबॉलर ऑफ दि ईयर चुने जाने वाले मेस्सी इस टूर्नामेंट में एक भी गोल नहीं कर सके।