मैंगुआंग/ब्लोमफोंटेन। युवा स्टार थॉमस मुलर द्वारा 67वें और 70वें मिनट में किए गए दो महत्वपूर्ण गोलों की मदद से जर्मन फुटबाल टीम ने इंग्लैंड को 4-1 से पराजित कर दिया। इस जीत के साथ जर्मनी क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई, जबकि स्टार खिलाड़ियों से लदी इंग्लैंड टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
फ्री-स्टेट स्टेडियम में रविवार को खेले गए फीफा विश्व कप-2010 के नॉकआउट मुकाबले में इंग्लैंड की टीम ने कप्तान स्टीवन गेरार्ड, फ्रैंक लैंपार्ड और वायने रूनी के नेतृत्व में मध्यांतर के बाद उसके गोलपोस्ट पर लगातार हमले कर रही थी। ऐसे में मुलर के ही गोलों ने बड़ा फासला कायम करते हुए जर्मन टीम की जीत पक्की कर दी।
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गोलपोस्ट में डाल दिया था लेकिन रेफरी ने इसे गोल करार नहीं दिया। जर्मन गोलकीपर मैनुएल नुएर ने गेंद को गोलपोस्ट के भीतर टप्पा खाने के बाद अपने कब्जे में लिया था लेकिन सहायक रेफरी ने यह कहते हुए इसे गोल करार देने से इंकार कर दिया कि गेंद ने गोलपोस्ट के बीच में बनी रेखा को पार किया ही नहीं। जर्मनी की ओर से 70वें मिनट में चौथा गोल हुआ। इस गोल की मदद से जर्मनी ने 4-1 की बढ़त हासिल कर ली, जो उसकी जीत के लिए सुरक्षित अंतर साबित हुआ। मध्यांतर तक जर्मन टीम ने 2-1 की बढ़त बना रखी थी। 38वें मिनट में इंग्लैंड के खिलाड़ी लैंपार्ड ने अपने शानदार प्रयास के बूते गेंद को जर्मन
विश्व कप में पांचवीं भिड़ंत
दोनों टीमों के बीच विश्व कप में यह पांचवीं भिडंत थी। इससे पहले दोनों टीमों के बीच चार मुकाबले हो चुके हैं। 1966 में इंग्लैंड ने जर्मनी (पश्चिम जर्मनी) को ही 4-2 से हराकर अपना पहला खिताब जीता था। 1970 विश्व कप में जर्मनी और इंग्लैंड की भिड़ंत क्वार्टर फाइनल में हुई थी, जिसमें जर्मनी ने 3-2 से बाजी मार ली थी।
1982 विश्व कप के दूसरे दौर में दोनों टीमें एक बार फिर आमने-सामने थीं लेकिन यह मुकाबला गोलरहित बराबरी पर छूटा था। इसके बाद दोनों टीमों की आखिरी बार भिड़ंत 1990 में सेमीफाइनल में हुआ था, जिसमें जर्मनी ने 4-3 से बाजी मारी थी। निर्धारित और अतिरिक्त समय के बाद दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं। मैच का फैसला पेनाल्टी शूटआउट के माध्यम से हुआ था।