तीसरा टेस्ट : श्रीलंका को श्रंखला जीतने से रोकने की चुनौती
गॉल में खेले गए पहले टेस्ट मैच में मिली शानदार जीत के साथ श्रीलंकाई टीम ने इस श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना रखी है। सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर भारतीय टीम दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ कराकर बेशक अपना सर्वोच्च वरीयता प्राप्त टेस्ट टीम का ताज बचाने में सफल रही लेकिन तीसरे मुकाबले के माध्यम से उसके सामने श्रृंखला में बराबरी करने और हार की शर्मिदगी से बचने की बड़ी चुनौती होगी।
भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर नहीं है। सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर इस मैच में पारी की शुरुआत करने के लिए नहीं उतर सकेंगे। गंभीर के घुटने में सूजन है। इसी सूजन के कारण वह सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में भी नहीं खेल सके थे। इसके अलावा ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह भी नहीं खेल पाएंगे।
टीम प्रबंधन ने कहा है कि हरभजन इस मैच के लिए पूरी तरह फिट नहीं हैं। दोनों खिलाड़ियों ने सोमवार को आयोजित प्रशिक्षण में हिस्सा नहीं लिया। गंभीर की अनुपस्थित में मुरली विजय को एक बार फिर पारी की शुरुआत करने का मौका मिलेगा। मुरली ने सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर वीरेंद्र सहवाग के साथ पारी की शुरुआत करते हुए 58 रनों की कीमती पारी खेली थी।
हरभजन के स्थानापन्न के तौर पर प्रज्ञान ओझा या फिर अमित मिश्रा में से किसी एक को टीम में जगह दी जाएगी। टीम प्रबंधन अगर दो स्पिनरों के साथ मैदान में उतरने का फैसला करता है तो फिर दोनों को खेलने का मौका मिल सकता है। इसके अलावा तीसरे तेज गेंदबाज की संभावना पर भी विचार किया जा सकता है। इसके लिए मुनाफ पटेल सेवाएं देने के लिए तैयार हैं।
मुनाफ और अमित को इस श्रृंख्रला में एक भी मैच नहीं खेलने को मिला है। गंभीर की अनुपस्थिति के बावजूद भारतीय बल्लेबाजी क्रम काफी मजबूत है लेकिन राहुल द्रविड़ तथा वी.वी.एस. लक्ष्मण जैसे दिग्गजों का मध्यक्रम में बड़ी पारी नहीं खेल पाना चिंता का सबब है। इनकी नाकामी के कारण बल्लेबाजी का दारोमदार एक बार फिर सहवाग, सचिन तेंदुलकर, सुरेश रैना और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के कंधों पर होगी।
दूसरी ओर, अपने प्रमुख तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा की वापसी से श्रीलंकाई टीम मजबूत हुई है। मलिंगा को दूसरे टेस्ट मैच में आराम दिया गया था। वह चोटिल थे लेकिन अब वह फिट होकर वापसी कर रहे हैं। मुथैया मुरलीधरन के संन्यास के बाद ऐसा लगा था कि श्रीलंकाई स्पिनर विभाग कमजोर पड़ जाएगा लेकिन अंसथा मेडिस ने दूसरे टेस्ट मैच में चार विकेट चटकाकर उसकी इस चिंता को दूर कर दिया।
इस मैच में मलिंगा के अलावा मेंडिस भी भारतीय बल्लेबाजों के लिए चिंता विषय होंगे। पी. सारा ओवल तेज गेंदबाज दिलहारा फर्नाडो के लिए भाग्यशाली रहा है। फर्नाडो ने इस मैदान पर तीन मैचों में 15 विकेट झटके हैं। वैसे इस मैदान पर सर्वाधिक 52 विकेट झटकने का रिकार्ड मुरली के नाम है। इस लिहाज से संगकारा कम से कम फर्नांडों को अपनी आक्रमण पंक्ति में जरूर शामिल करना चाहेंगे।
बल्लेबाजी में श्रीलंका के सामने कोई बड़ी चिंता नहीं है। सलामी बल्लेबाज थरंगा पारानाविताना से लेकर प्रसन्ना जयवर्धने तक सभी अच्छी लय में है और अब तक खेली गई चार पारियों में सबने अपनी प्रतिभा के साथ न्याय किया है। खासतौर पर कप्तान संगकारा, माहेला जयवर्धने, पारानाविताना और थिलन समरवीरा ने इस श्रृंखला में उम्दा बल्लेबाजी की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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